टनकपुर/चंपावत। आदिम जनजाति वनरावत बहुल खिरद्वारी गांव की पहचान विकास की दौड़ से दूर और पिछड़ेपन से है लेकिन चुनाव आते ही चंपावत क्षेत्र के इस गांव की एक और खूबी है, वह है कि इस एकमात्र बूथ के लिए भी एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। सड़क से 14 किमी पैदल दूरी वाले इस सेक्टर में चुनाव दल भी मतदान से दो दिन पहले 12 फरवरी को रवाना होगा।
दो विधानसभा सीट वाले चंपावत जिले के चुनाव कराने के लिए नौ जोन और 50 सेक्टरों में बांटा गया है। इन सेक्टरों में 298 मतदान केंद्रों में 333 मतदेय स्थल हैं। यानी औसतन एक सेक्टर में 6.66 मतदेय स्थल शामिल है लेकिन चंपावत सीट के खिरद्वारी सेक्टर में महज एक मतदेय स्थल है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंपावत से 39 किमी दूर चल्थी तक सड़क मार्ग के बाद यहां से 14 किमी पैदल दूरी तय कर खिरद्वारी पहुंचना होता है। सेक्टर मजिस्ट्रेट बने राजकीय पॉलीटेक्निक टनकपुर के अनुदेशक राजकुमार आर्य का कहना है कि मतदेय स्थल में 218 पुरुष और 172 महिलाओं समत कुल 390 मतदाता हैं। इस मतदेय स्थल में भड़ियास और पोथ गांव के लोग भी मतदान करेंगे।
अंधेरे में है मतदेय स्थल, सौर ऊर्जा का भी प्रबंध नहीं
चंपावत। पिछड़ेपन की मिसाल बने खिरद्वारी की तरह ही यहां का मतदेय स्थल भी उपेक्षित है। राजकीय प्राथमिक स्कूल में मतदेय स्थल बनाया गया है, लेकिन यहां न ग्रिड की बिजली है और न ही सौर ऊर्जा की। मतदेय स्थल का मुआयना करने के बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट राजकुमार आर्य ने बताया कि मतदान के लिए सौर ऊर्जा की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जाएगी।
19 मतदेय स्थल वाला टनकपुर सबसे बड़ा सेक्टर
चंपावत। जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत तोमर ने बताया कि जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर कुल 298 मतदान केंद्रों में 333 मतदेय स्थल हैं। चंपावत सीट के 123 केंद्रों के 151 मतदेय स्थलों को पांच जोन और 21 सेक्टर में बांटा गया है जबकि लोहाघाट सीट के 175 मतदान केंद्रों के 182 मतदेय स्थलों को तीन जोन और 29 सेक्टरों में बांटा गया है। चंपावत विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ा सेक्टर टनकपुर लोनिवि है, जहां 19 मतदेय स्थल हैं। इन मतदेय स्थलों में कुल 13639 मतदाता है जबकि लोहाघाट सीट में सबसे बड़ा सेक्टर लोहाघाट हैं, जहां 14 मतदेय स्थल हैं। सबसे छोटा सेक्टर दो मतदेय स्थल वाला रमक है।