टनकपुर (चंपावत)। करीब 11 दिन के सन्नाटे के बाद शनिवार को शारदा नदी में पहुंचे करीब 280 वाहनों से खनन निकासी शुरू हो गई। इससे खनन कार्य में लगे मजदूरों ने राहत की सांस ली है।
खनन कार्य में लगे वाहनों में से करीब 90 प्रतिशत वाहन स्टोन क्रशरों पर निर्भर थे। 11 फरवरी को स्टोन क्रशरों में उपखजिन भंडारण की क्षमता पूरी हो गई थी। इससे लगभग 450 से अधिक वाहन खड़े हो गए थे। उधर 16 फरवरी से शक्तिमान ट्रक यूनियन ने खनन निकासी बंद कर दी थी। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि वन निगम में शारदा नदी से खनन के लिए 715 वाहन पंजीकृत हैं। करीब 570 वाहन खनन कार्य कर रहे हैं, इनमें से 460 वाहन स्टोन क्रशरों पर निर्भर थे। उन्होंने बताया कि सवा लाख घनमीटर उपखनिज की निकासी हुई है। निकासी हुए उपखनिज से विभाग को करीब 5.84 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
अवैध तरीके से रेत ढोने पर तीन पिकअप वाहन जब्त
थल (पिथौरागढ़)। थल पुलिस ने शनिवार को थानाध्यक्ष हीरा सिंह डांगी के नेतृत्व में अभियान चलाया। इस दौरान थल-नाचनी सड़क में ग्यूरा बैंड के पास वाहन चेकिंग के दौरान पिकप वाहन यूके 05सीए 2052, यूके 05 सीए 1302 और थल नाचनी सड़क में ससखेत के पास वाहन पिकप यूके05 सीए 1883 को रोक चेक किया। इसमें वाहन चालक कमल चंद निवासी पतेत तहसील डीडीहाट, होशियार सिंह निवासी टोपरा धार तहसील डीडीहाट और भगवान सिंह खोलिया निवासी मल्लाढूंगा खनन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए। बिना रचन्ने के अवैध रूप से रेत ढोने पर धारा 4/21 खान और खनन अधिनियम, एमवी एक्ट में तीनों वाहनों को जब्त कर दिया।