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अब देवडांगर समिति कराएगी भागवत कथा का आयोजन

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लोहाघाट के ऋषेश्वर मंदिर में कथा के आयोजन को लेकर चर्चा करते देव डांगर व अन्य। - फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। प्रशासन से ऋषेश्वर मंदिर में ऋषेश्वर प्रबंधन समिति और स्वामी मोहनानंद को भागवत कथा और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन की अनुमति नहीं मिली है। इसलिए अब देवडांगर समिति कथा का आयोजन करवाएगी।
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यह निर्णय रविवार को हुई बैठक में लिया गया। देवडांगर समिति के अध्यक्ष भुवन चंद्र बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक पर देवडांगरों ने कहा कि ऋषेश्वर प्रबंधन समिति और एमके तिवारी उर्फ स्वामी मोहनानंद के बीच चल रहे विवाद से उन्हें कोई मतलब नहीं है।
वर्षों से चली आ रही कथा की परंपरा निभाते हुए भागवत कथा का आयोजन कराने के लिए देवडांगर समिति आगे आई है। बिष्ट ने कहा कि विधि विधान और कोरोना गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए भागवत कथा करेगी।
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इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। अध्यक्ष बिष्ट ने बताया कि नियमानुसार कलशयात्रा के बाद दोपहर से कथा होगी। इस मौके पर देवडांगर दिनेश ढेक, किशोर पुनेठा, नवीन पांडेय, दीवान सिंह ढेक, महेश डांगी, गोविंद कुंवर आदि रहे।
स्वामी मोहनानंद ने पुलिस, प्रशासन पर लगाया मिलीभगत का आरोप
लोहाघाट (चंपावत)। स्वामी मोहनानंद का कहना है कि 50 वर्ष पूर्व जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ स्वामी हीरानंद महाराज ने किया। 38 वर्ष तक स्वामी हीरानंद ने कथा का आयोजन कराया था।
जब से उन्हें आश्रम सौंपा गया तो 13 वर्षों से वह भी कथा का आयोजन करा रहे थे लेकिन इस साल पुलिस प्रशासन ने मंदिर समिति और उन्हें कथा का आयोजन न करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए उन्होंने जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन स्थगित कर दिया है।
स्वामी का कहना है कि षड्यंत्र के तहत देव डांगर समिति भागवत कथा करवा रही है। देवडांगर समिति के सभी लोग ऋषेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति से जुड़े हैं। इसलिए स्वामी मोहनानंद ने पुलिस, प्रशासन पर समिति का साथ देने का आरोप लगाया।
कहा कि जल्द ही देहरादून जाकर मंदिर परिसर में किए गए सभी कार्यों की सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। इधर ऋषेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह मेहता का कहना है कि प्रशासन ने ऋषेश्वर प्रबंधन समिति शिवालय की भागवत कथा के आयोजन पर रोक लगाई है।
इसे उन्होंने स्वीकार किया है, लेकिन नवनिर्मित धर्मशाला हर आयोजन के लिए आम लोगों के लिए उपलब्ध है। देव डांगर समिति के अनुरोध पर सर्वसम्मति से कथा के आयोजन के लिए धर्मशाला उन्हें उपलब्ध कराई गई है।
उधर एसओ मनीष खत्री का कहना है कि ऋषेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति और स्वामी मोहनानंद के आयोजन पर एसडीएम के आदेश पर रोक लगा दी गई है। देव डांगर समिति के लिए भी एसडीएम के आदेश का पालन किया जाएगा।
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