टनकपुर सीमा पर भारत आ रहे नेपाली लोगों की जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टीम व एसएसबी जवान।
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टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर सीमा से भारत आने के लिए अब नेपाली नागरिकों को कोरोना की जांच रिपोर्ट या टीकाकरण का प्रमाण नहीं देना होगा। सीमा पर थर्मल स्क्रीनिंग और शरीर के तापमान की जांच के बाद नेपाली भारत आ सकेंगे। हालांकि, भारत से सीमित मात्रा में सिर्फ दैनिक उपयोग का ही सामान ले जाने की अनुमति होगी। यह फैसला बुधवार को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की अध्यक्षता में हुई एसएसबी और स्वास्थ्य विभाग की बैठक में लिया गया है।
इधर भारत की ओर से सीमा खुलने के बाद टनकपुर सीमा से नेपाली नागरिकों की आवाजाही बढ़ने लगी हैं लेकिन नेपाल प्रशासन ने अब भी भारतीयों के नेपाल में प्रवेश के लिए कोई फैसला नहीं लिया है। सीमा पार के सूत्रों के मुताबिक नेपाल के प्रमुख डीएम ने इसे लेकर बृहस्पतिवार को नेपाल एपीएफ और पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
... इधर बनबसा सीमा से 70 से अधिक नेपालियों को लौटाया
बनबसा (चंपावत)। नेपाल से भारत आने वाले नागरिकों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछले चार दिनों में करीब 22 नेपाली नागरिक कोरोना संक्रमित पाए गए, जिन्हें नेपाल लौटाया गया। उनके साथ आए दल के लोगों को भी सुरक्षा की दृष्टि से वापस भेजा जा रहा है। कोरोना जांच दल का नेतृत्व कर रहे डॉ. दानिश ने बताया कि इसकी सूचना नेपाल स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को भी दी जा रही है।
बताया कि पिछले 20 दिनों में करीब 70 से अधिक नेपाली नागरिकों को बनबसा सीमा से लौटाया जा चुका है। एसीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी ने लोगों और व्यापारियों से कोरोना से बचाव के उपायों और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. मो. उमर ने कहा कि बदलते मौसम में कोरोना महामारी के बढ़ने की संभावना है।
चोरी छुपे संक्रमण आया तो क्या....
बनबसा (चंपावत)। स्वास्थ्य विभाग की टीम वैधानिक मार्ग से भारत आने वाले लोगों की कोरोना जांच कर रही है। किसी के संक्रमित मिलने पर उसे वापस भेजा जा रहा है। ऐसे में यहां से संक्रमण फैलने की संभावना न के बराबर है लेकिन खुली सीमा पर गढ़ीगोठ और अन्य रास्तों से चोरी छिपे भारत आने वाले नेपालियों की जांच संभव नहीं है। इन मार्गों से अगर कोई कोरोना संक्रमित भारत आता है तो संक्रमण फैलने की आशंका है।