चंपावत। पत्नी को जहर देकर मारने के आरोप में पति और ससुर को दोषी पाया गया है। जिला न्यायालय ने दोनों (पिता और पुत्र) आरोपियों को सजा सुनाई गई है।
चंपावत के लफड़ा बुड़ाखेत गांव के श्याम सिंह महर ने अपनी बेटी कमलेश को 19 नवंबर 2017 को जहर देकर हत्या करने का आरोप कमलेश के पति, सास और ससुर पर लगाया। कमलेश का गोली बिरगुल क्षेत्र के सुंदर सिंह बोरा से 2015 में विवाह हुआ था। श्याम सिंह ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराली बेटी कमलेश को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इस उत्पीड़न से तंग आकर कमलेश नौ माह तक मायके में रही। ससुराली उत्पीड़न नहीं करने की शर्त पर 18 नवंबर 2017 को घर ले गए लेकिन अगले दिन ही उसकी मौत हो गई। आठ दिसंबर 2017 को श्याम सिंह ने चंपावत कोतवाली में तहरीर देकर कमलेश के पति सुंदर सिंह बोरा, सुंदर के पिता पूरन सिंह बोरा और पूरन सिंह की पत्नी भगवती देवी के खिलाफ शिकायत की। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304-बी के तहत मुकदमा दर्ज किया। लेकिन जांच में साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने अदालत में पेश आरोप पत्र में भगवती देवी को आरोपी नहीं बनाया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश कहकशा खान ने सुंदर सिंह पर दो साल कैद और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं पूरन सिंह को एक साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने पर एक माह की अतिरिक्त कैद सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी विद्याधर जोशी ने पैरवी की।