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बालिकाओं को शिक्षा के साथ अधिकारों की जानकारी होना जरूरी

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जीजीआईसी में छात्राओं को कानूनी जानकारी देते सिविल जज रजनीश मोहन। विज्ञप्ति - फोटो : TANAKPUR
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चंपावत/टनकपुर। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया।
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कार्यक्रम में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रतिभागी छात्राओं को सम्मानित किया गया। सीडीपीओ लक्ष्मी पंत ने बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य, विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ ही अपने अधिकारों की भी जानकारी होनी चाहिए। बाल विकास परियोजना अधिकारी पुष्पा चौधरी ने बालिकाओं की निबंध प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए।
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मुख्य अतिथि ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। बोर्ड परीक्षा में श्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं के नाम का बोर्ड देकर घर की पहचान बेटी के नाम करने का आह्वान किया गया।
ओएससी परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में सुपरवाइजर किरण जोशी, कमला मर्तोलिया, केंद्र प्रशासक नेहा गौड़ चंद, ज्योति जोशी, दीपक सिंह बोहरा, पुष्पा चौधरी, प्रेरणा, निर्मला आदि रहे।
एलआरआरबीएस जीजीआईसी टनकपुर में हुई गोष्ठी में छात्राओं को कानूनी जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि सिविल जज रजनीश मोहन ने छात्राओं को कानूनी अधिकारी, सामाजिक रूढ़िवादी परंपरा के तहत मानव तस्करी, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, शिक्षा, समुचित पोषण, घरेलू हिंसा रोकने की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि बालिका दिवस का उद्देश्य बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण के बारे में जागरूक करना है। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या गीता चंद, लीगल एड क्लब प्रभारी पुष्पा जोशी, पैरा लीगल वालंटियर अजय गुरुरानी, रौनक अली, महिला पुलिस कर्मियों ने भी प्रतिभाग किया। संवाद
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