लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं नहीं सुधर सकीं हैं। सीने में दर्द और एक ओर का शरीर सुन्न होने से पीड़ित एक शिक्षक घंटों अस्पताल में तड़पता रहा, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
लोगों के अस्पताल में हंगामा करने के बाद करीब डेढ़ घंटे बाद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर पीड़ित शिक्षक को हायर सेंटर रेफर किया। लापरवाही की शिकायत मिलने पर एमएस ने दो डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जीआईसी कर्णकरायत के शिक्षक किशोर कुमार जोशी के सीने में सोमवार को अचानक तेज दर्द हुआ। एक ओर शरीर सुन्न पड़ गया। लोग और साथी शिक्षक उन्हें एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उन्हें उपचार नहीं मिल पाया।
सुबह करीब आठ बजे उन्हें उप जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले। शिक्षक चिल्लाते हुए डॉक्टर साहब को पुकारते रहे। पूरे अस्पताल परिसर में डॉक्टर की तलाश की, लेकिन कोई भी डॉक्टर नहीं मिला।
करीब एक घंटे बाद अस्पताल पहुंचे चिकित्साधीक्षक डॉ. जुनैद कमर ने पीड़ित शिक्षक का प्राथमिक उपचार कर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। नगर पंचायत के सभासद राजकिशोर साह के नेतृत्व में लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया।
राजकिशोर का कहना है कि अस्पताल में कहने को तो करीब 17 डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन आपातकाल में डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे चिकित्सक सहित मेडिकल स्टाफ तैनात करने की मांग की।
चिकित्साधीक्षक डॉ. जुनैद कमर का कहना है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर मरीज के आने से 15 मिनट पहले ही गए थे, जबकि दूसरे डॉक्टर के आने में कुछ समय लग गया था। इसलिए दोनों ही डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग
लोहाघाट (चंपावत)। अस्पताल की अव्यवस्थाओं से गुस्साए लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में शिक्षक को अस्पताल पहुंचाने वाले प्रधानाचार्य एसबी लाल, शिक्षक अनार सिंह, प्रकाश गिरि गोस्वामी, जगदीश जोशी, जगमोहन पांडेय, एनडी उपाध्याय आदि शामिल हैं।