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लोहाघाट विधानसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा में रहा है सीधा मुकाबला

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लोहाघाट के कोलीढेक में निर्माणाधीन कोलीढेक झील। - फोटो : LOHAGHAT
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नवल जोशी
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लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद बनी लोहाघाट सीट में कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला है। इस बार भी यहां सीधी टक्कर है। उत्तर प्रदेश राज्य में लोहाघाट का समूचा क्षेत्र पिथौरागढ़ विधानसभा सीट में शामिल था।
वर्ष 2002 में अस्तित्व में आई लोहाघाट विधानसभा सीट पर हुए चार चुनावों में दो बार कांग्रेस और दो बार भाजपा के प्रत्याशी जीते। लोहाघाट सीट का ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण है। अकेली नगर पालिका के अलावा तीन ब्लॉक (लोहाघाट, बाराकोट, पाटी) इसमें शामिल हैं। सबसे ज्यादा वोटरों वाले पाटी क्षेत्र की इस सीट पर महत्वपूर्ण भूमिका है। लोहाघाट सीट से 2002 में विधायक रहे महेंद्र सिंह माहरा उत्तराखंड की पहली निर्वाचित तिवारी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। संवाद
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ये रहे विधायक
वर्ष : विधायक, दल
2002 : महेंद्र सिंह माहरा, कांग्रेस
2007 : महेंद्र सिंह माहरा, कांग्रेस
2012 : पूरन सिंह फर्त्याल, भाजपा
2017 : पूरन सिंह फर्त्याल, भाजपा
लोहाघाट सीट में मतदाता
कुल मतदाता : 107203
महिला मतदाता : 51129
पुरुष मतदाता : 56074
नए मतदाता : 4603
प्रमुख मुद्दे
1. पलायन : सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा की सुविधा की कमी से पलायन बढ़ा।
2. जंगली जानवर फसलों को कर रहे बर्बाद। लोग खेती छोड़ने के लिए मजबूर।
3. स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी : बाराकोट में महिलाओं के प्रसव की व्यवस्था नहीं। लोहाघाट उप जिला अस्पताल में महिलाओं के इलाज की व्यवस्था नहीं। 4. पेयजल : लोहाघाट नगर में पेयजल किल्लत, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए हैंडपंप, गाड़-गधेरों की दौड़ लगाने की मजबूरी।
5. लोहाघाट शहर में पेयजल, नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड करने, सीवर लाइन का मुद्दा लंबे समय से लंबित है।
विधानसभा क्षेत्र की सीमाएं
लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र का घाट पिथौरागढ़ जिले से लगा, सिमलखेत अल्मोड़ा जिले से, वालिक नैनीताल जिले से और पंचेश्वर नेपाल सीमा से लगा है।
विधानसभा क्षेत्र में ऐतिहासिक पर्यटक स्थल
चारों ओर से देवदार के जंगलों से घिरा लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पर्यटक स्थल हैं। एबटमाउंट, बाणासुर का किला, अद्वैत आश्रम मायावती, बगवाल के लिए प्रसिद्ध मां बाराही धाम देवीधुरा, सिखों का प्रमुख तीर्थ स्थल गुरुद्वारा रीठासाहिब, एंगलिंग, राफ्टिंग के लिए प्रसिद्ध पंचेश्वर शामिल हैं।
लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में पांच साल में हुए कार्य
कोलीढेक झील का काम अंतिम चरण पर, पाटी में डिग्री कॉलेज का संचालन, खेतीखान में मॉडल आईटीआई के भवन का निर्माण, कोरा लिफ्ट पेयजल योजना, खैसकांडे लिफ्ट पेयजल योजना, राईकोट पंपिंग योजना, पुलहिंडोला पेयजल योजना का निर्माण, नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा, बाराकोट में 108 आपात सेवा एंबुलेंस का संचालन।
लोगों से किए गए अधिकतर वायदों को पूरा किया गया है। ड्रीम प्रोजेक्ट कोलीढेक झील का निर्माण अंतिम चरण में है। झील से लोहाघाट नगर के लिए लिफ्ट पेयजल योजना स्वीकृत की गई है। इसकी डीपीआर तैयार हो गई है। सड़क सुविधा से वंचित गांवों को सड़क से जोड़ने सहित कई कार्य किए हैं।
- पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक।
लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ है। बाराकोट में डिग्री कॉलेज खोलने और गेस्ट हाउस बनाने की घोषणा पूरी नहीं हो सकी। पाटी ब्लॉक का दूरस्थ गोलडांडा बिनवालगांव और बाराकोट का शील बरियूडी गांव सड़क से वंचित है। जहां से बीमारों, प्रसव पीड़ित महिलाओं को मुख्य सड़क तक लाने में ही घंटों लग जाते हैं।
- खुशाल सिंह अधिकारी, पिछले चुनाव के रनरअप।
चार लोगों की प्रतिक्रिया
गल्लागांव-देवलीमांफी सड़क की बदहाली सबसे बड़ी दिक्कत है। 18 किमी की इस सड़क की दुर्दशा से नौमाना, तड़ीगांव, अतखंडी, डोबाभागू, बैड़ाओड़, डुंगराओड़, बमेड़ा, डुंगरा, खरतोला, ढटीगांव आदि गांवों में आवाजाही में परेशानी होती है।
- हेमा तिवारी, ग्राम प्रधान, तड़ीगांव।
सुंई गांव में पहले कोई पेयजल योजना न होने से काफी दिक्कतें होती थी। गांव के लिए खैसकांडे पेयजल योजना का निर्माण हुआ है। कोलीढेक से गांव के डुंगरी तोक तक डेढ़ किमी मोटर मार्ग का निर्माण होने से ग्रामीणों को सुविधाएं मिल रहीं हैं।
- राजेश चौबे।
क्षेत्र में जंगली जानवर खेतों के लिए मुसीबत बन रहे है। जानवरों से खेतों को बचाने के लिए सोलर फेंसिंग जरूरी है। इसी तरह लोहाघाट क्षेत्र की पेयजल समस्या का निदान जरूरी है।
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- भवानी दत्त राय, पूर्व सैनिक।
विकास से ज्यादा जरूरत महंगाई रोकने की है। रसोई गैस सिलिंडर से लेकर खाने-पीने की महंगी सामग्री ने जीना मुहाल कर दिया है। आम उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर काबू किया जाना चाहिए।
- देवकी देवी, पम्दा
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