चंपावत जिला अस्पताल में तैयार सीटी स्कैन कक्ष। संवाद
चंपावत। चंपावत जिले के लोगों को सीटी (कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी) स्कैन की सुविधा अभी नहीं मिल सकेगी। इसकी वजह कोई तकनीकी कारण नहीं, बल्कि उच्च क्षमता के बिजली के संयोजन के लिए बजट की कमी है। इस कारण जिले के लोगों को सीटी स्कैन सुविधा के लिए जेब ढीली करनी होगी।
चंपावत जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा के लिए निर्माण से संबंधित काम एक माह पहले ही पूरा हो चुका है। सीटी स्कैन मशीन को यहां आए हुए भी दो माह हो गए हैं। परीक्षण की सुविधा दिसंबर 2023 में मिल जानी थी, लेकिन एक माह से अधिक बीतने के बाद भी लोग इस सुविधा से वंचित हैं। उन्हें इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। इसकी वजह उच्च क्षमता के बिजली कनेक्शन के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास 52 लाख रुपये का नहीं होना है। ऊर्जा निगम का कहना है कि सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल में उच्च क्षमता का आवेदन तो किया गया है, लेकिन संयोजन का भुगतान नहीं किया गया है। पूरी राशि जमा होने के बाद ही संयोजन किया जा सकेगा। इस कारण सीटी स्कैन के लिए लोगों को निजी अस्पताल में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। सरकारी अस्पताल की सुविधा के लिए भी हल्द्वानी, रुद्रपुर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कोट
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए 200 किलोवाट की क्षमता के बिजली संयोजन के लिए आवेदन करने के साथ छह लाख रुपये दिए जा चुके हैं। संयोजन के लिए बचे 52 लाख रुपये विभाग से अभी अवमुक्त नहीं हुए। इस राशि की मांग की गई है।
डॉ. पीएस खोलिया, सीएमएस, जिला अस्पताल, चंपावत।