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आपदा के चलते पंचेश्वर में फंसे पर्यटकों को करना पड़ा भारी दिक्कतों का सामना

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पंचेश्वर में आई भारी बारिश के बाद नदी में बहा पर्यटकों का सामान। - फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। पिछले सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश के कारण मार्ग बंद होने, सरयू, महाकाली नदी के उफान में पंचेश्वर में आए पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। पंचेश्वर मोटर मार्ग खुलने के बाद पर्यटकों ने राहत की सांस लेते हुए यहां से जाना शुरू कर दिया है।
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पंथ्यूड़ा के गाइड और स्थानीय निवासी गणेश सिंह ने बताया कि पंचेश्वर में पूर्व में मौसम सुहावना होने पर यहां दिल्ली, कर्नाटक, बंगलूरू, पंजाब, अल्मोड़ा आदि स्थानों से करीब 45 से अधिक पर्यटक आए थे। पर्यटकों ने एंगलिंग और वर्ड वॉचिंग की। इस दौरान 18 अक्तूबर से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण पंचेश्वर में सरयू, महाकाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी किनारे लगाए गए पर्यटकों के कैंप, टेंट, कपड़े, बर्तन आदि सामान बह गया।
सड़क बंद होने के कारण पर्यटक करीब पांच दिनों तक पंचेश्वर में फंसे रहे। सरयू और महाकाली नदी का पानी पंचेश्वर महादेव मंदिर में भर गया। करीब छह दिनों के लिए एंगलिंग और पक्षी अवलोकन के लिए पहुंचे पर्यटक अपने साथ खाने, पीने का सारा सामान लाए थे। उनका खाद्यान्न सहित सारा पानी नदी में बहने से उनके सामने खाने का भी संकट हो गया था।
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पंथ्यूड़ा की ग्राम प्रधान गंगा देवी, गणेश सिंह ने बताया कि अधिकतर पर्यटक अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं, जबकि दिल्ली के जूमि, बंगलूरू के विराज चोपड़ा, अल्मोड़ा के डेनियल अब्राहम, बिहार के अरुन अभी पंचेश्वर में हैं, जो यहां से जल्द चले जाएंगे। ग्राम प्रधान गंगा देवी, गणेश सिंह, प्रेमबल्लभ, लक्ष्मी दत्त पंत, रमेश पंत, नाथ सिंह, खष्टीबल्लभ पंत, दिनेश पंत आदि लोगों ने फंसे पर्यटकों की मदद की।
गांवों में पर्यटकों के मनमाफिक खाद्य सामग्री न मिलने से उन्हें जैसे-तैसे गुजारा करना पड़ा। एसडीएम केएन गोस्वामी ने बताया कि पंचेश्वर मोटर मार्ग को खोल दिया है। वहां फंसे अधिकतर पर्यटक अपने घर लौट चुके हैं।

भारी बारिश के बाद पंचेश्वर महादेव मंदिर में भरा पानी व मलबा।- फोटो : LOHAGHAT

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