बनबसा का ऐतिहासक धनुषपुल। संवाद
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बनबसा (चंपावत)। करीब नौ दशक पुराने ऐतिहासिक धनुषपुल को बचाने के लिए मझगांव, गुदमी, देवीपुरा के ग्रामीणों ने पहल शुरू की है। वे 93 वर्ष पुराने पुल से अधिक भार युक्त वाहनों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। शनिवार की प्रात: ग्रामीणों ने खटीमा से आ रही ईंट से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को पुल से नहीं गुजरने दिया। ग्रामीणों के विरोध के बाद ट्रैक्टर चालक को लौटना पड़ा।
शारदा बैराज निर्माण के समय वर्ष 1928 में बना धनुषपुल कई जगह जीर्णशीर्ण हो गया है। विभाग शारदा नहर के रखरखाव के लिए पुल का प्रयोग करता है। गढ़ीगोठ क्षेत्र के नया बस्ती, गुदमी, भैंसाझाला, लाटाखल्ला, देवीपुरा, मझगांव, चंदफार्म के ग्रामीण और एसएसबी जवान आवागमन करते हैं। ग्रामीण पुल पर से अत्यधिक भार युक्त वाहनों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
पुल खराब होने से उन्हें खटीमा जाने के लिए बनबसा से होकर लंबी दूरी तय करनी होगी। पुल के क्षतिग्रस्त होने से विभाग को नहर के रखरखाव में दिक्कत होगी। ग्रामीणों ने यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। प्रभारी एसडीओ अशोक कुमार सिंह ने पुल पर अधिक भार वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के ग्रामीणों के सुझाव को सराहा। समस्या सुलझाने के लिए उन्होंने उच्चाधिकारियों से वार्ता की बात कही।
उधर बनबसा बैराज के प्रभारी अटेंडेंट जेई संजय सिंह ने पुल को ठीक बता इसको अत्यधिक पुराना बताया। देवीपुरा के ग्राम प्रधान दीपक प्रकाश चंद, गुदमी की प्रधान विनीता राना, शिव सांस्कृतिक युवा मंच धनुषपुल देवीपुरा के अध्यक्ष सुरेश उप्रेती, देवीपुरा महिला मंगल दल अध्यक्षा राधा चंद, गुदमी युवक मंगल दल अध्यक्ष प्रदीप रावत, ग्रामीण शंकर लाल, सागर भट्ट, दीपक पाठक, हरीश जोशी आदि ने धनुषपुल से अत्यधिक भारयुक्त वाहनों पर प्रतिबंध लगाने को शारदा हेडवर्क्स और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है।