चंपावत। जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अमोड़ी से खटोली जाने वाली सड़क की हालत काफी खराब हो गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत पांच साल पूर्व बनाई गई इस सड़क पर विभाग डामरीकरण करना भूल गया है। क्षेत्र के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर बदहाल सड़क से आवाजाही करने को मजबूर हैं। जगह-जगह सड़क खराब होने के कारण किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत खराब होने से स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। पीएमजीएसवाई की ओर से पांच साल पूर्व अमोड़ी से खटोली के लिए 15.8 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य किया गया था। सड़क से सजौली, दुधौरी, पछनई, लड़ाबोरा, क्वारसिंह, मल्ली खटोली, तल्ली खटोल, वैला, ईजरा सहित कई की गांवों की 10 हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलता है।
पहली बार डामरीकरण होने के बाद आज तक इस सड़क में दोबारा डामरीकरण न होने से सड़क काफी जर्जर हो गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट, ग्राम प्रधान लालमणी भट्ट आदि ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क में डामरीकरण की मांग की जा रही है। बारिश में क्षेत्र की बड़ी आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई, वैभव गुप्ता ने बताया कि अमोड़ी-खटोली सड़क में डामरीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। जल्द ही सड़क में डामरीकरण की कार्यवाही की जाएगी।
सड़कों के जीर्णोद्धार के लिए मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। बनबसा व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण किए जाने की मांग की है। इसमें बनबसा पाटनी तिराहे से एनएचपीसी गेट तक, मुख्य बाजार (पूर्णागिरि इंटर काॅलेज से हाकिम सिंह चैक तक) की खस्ताहाल सड़क का जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। पाटनी तिराहे से प्रदीप चंद के खेत किनारे से आवासीय काॅलोनी तक सड़क बनाने और क्षेत्र में स्मैक के कारोबार और प्रयोग पर पूर्णतया रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी, महामंत्री अभिषेक गोयल, उपाध्यक्ष आशीष गर्ग, कोषाध्यक्ष कमल गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर लाल वर्मा, सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी आदि के हस्ताक्षर हैं।
दोबांस के बांस तोक के लोग बोले रोड नहीं तो वोट रहीं
पिथौरागढ़। ग्राम पंचायत दोबांस के बांस तोक को सड़क से नहीं जाने से लोग आक्रोशित हैं। नाराज बुजुर्ग और महिलाओं ने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। रविवार को बांस तोक में ग्रामीणों की बैठक हुई। ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी गांव यातायात सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। उन्हें 10 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। किसी के बीमार होने पर समय से अस्पताल नहीं पहुंचा पाते हैं। शव दाह के लिए काली नदी के घाट तक पहुंचना मुश्किल होता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य खीमराज जोशी का कहना है कि यदि शीघ्र सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहां विष्णु जोशी, खीमानंद जोशी, टीकाराम जोशी, दिवाकर जोशी, लोकमणि जोशी, सुरेश चंद्र, खगेंद्र, केशव दत्त,धीरज कुमार, महेश चंद्र आदि ग्रामीण थे।
आठ गांव के लोगों ने सड़क के लिए तानी मुट्ठी
पाटी (चंपावत)। रौलामेल क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आठ गांव के लोगों ने सड़क के लिए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि छिनकाछिना से रौलामेल सड़क को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
पाटी में रौलामेल क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने तहसील कार्यालय के बाहर एकत्र होकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने वह लंबे समय से आठ किमी लंबी छिनकाछिना-रौलामेल सड़क के डामरीकरण की मांग कर रहे हैं। एक मात्र सड़क रौलामेल, लखनपुर, नैनी, किमाड़ी, बरौला, पम्तोला, रानीचौड़ा, तोली आदि गांव के लोगों की लाइफलाइन है। लोगों ने कहा कि सीएम की विगत वर्ष तीन जून को घोषणा के बाद भी अब तक सड़क को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
निर्णय लिया गया कि छिनकाछीना-रौलमेल मोटर मार्ग के निर्माण, सुधारीकरण और डामरीकरण की वित्तीय स्वीकृति के लिए फिर से सीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि अगर लोकसभा चुनाव से पहले वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली तो आठ गांव के लोग चुनाव बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे।
लोनिवि के जूनियर अभियंता नंदन प्रसाद ने बताया कि दो माह पूर्व शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा है। प्रदर्शन करने वालों में पीतांबर गहतोड़ी, महेश चंद्र गहतोड़ी, कैलाश, जगदीश चंद्र, जयदत्त, माधवानंद, देव सिंह, भैरव दत्त, जगदीश सिंह, सुरेश चंद्र, शिवराज सिंह लड़वाल, महेश उपाध्याय, मुन्नी देवी, शांति देवी, भूमा, बच्ची देवी, पुष्पा देवी आदि मौजूद रहे।