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अस्पतालों में फार्मासिस्टों के पदों में बढ़ोतरी की जाए

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चंपावत में डीजी हैल्थ डॉ.शैलजा भट्ट को ज्ञापन सौंपते फार्मासिस्ट। संवाद - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई ने अस्पतालों में फार्मासिस्टों के पद बढ़ाने की मांग की है। एसोसिएशन की ओर से जिला अस्पताल के निरीक्षण में आई स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट को ज्ञापन सौंपा।
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जिलाध्यक्ष विष्णुगिरी गोस्वामी और मंत्री सतीश पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए मानकों को राज्य में लागू करने से अस्पतालों में फार्मासिस्टों के पद कम हो गए हैं। इससे फार्मेसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक फार्मासिस्ट को 250-300 रोगियों को दवा बांटनी पड़ रही है। फार्मासिस्टों को रोगियों को दवा देकर उन्हें दवा की मात्रा, उसे खाने के तरीके, स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य बातों पर रोगियों की काउंसिलिंग भी करनी होती है। ऐसे में यदि एक रोगी पर फार्मासिस्ट की ओर से पांच मिनट भी खर्च किए जाएं तो वह अपने एक दिन के ड्यूटी समय में केवल 60 रोगियों को ही सही सेवा प्रदान कर सकता है। उन्होंने जिला अस्पताल में आठ पद और उपजिला अस्पताल लोहाघाट और टनकपुर में फार्मासिस्ट के छह-छह पदों के सृजन की मांग की। बाराकोट और पाटी चार-चार पद, प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) टाइप ए में न्यूनतम दो फार्मासिस्ट के पद सृजन की मांग की। उप केंद्रों में समाप्त किए जा रहे फार्मासिस्टों के पदों को यथावत बनाए रखने की मांग की। संगठन ने पूर्णागिरी मेला ड्यूटी कर चुके फार्मासिस्टों को टीए-डीए देने के लिए बजट जारी कर कोविड काल में सेवा पर रखे गए फार्मासिस्टों की सेवा बहाली की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में संप्रेक्षक तान सिंह, प्रमोद पांडेय, रुपाली भट्ट, चेतन वर्मा आदि शामिल रहे।
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