टनकपुर में प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी यूनियन कर्मी। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
लोहाघाट/टनकपुर (चंपावत)। रोडवेज कर्मचारियों को दो माह से वेतन न मिलने पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने गहरा आक्रोश जताया। इसके तहत उन्होंने शुक्रवार को लोहाघाट में करीब दो घंटे तक सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया जबकि टनकपुर में समझौता हो गया।
संयुक्त परिषद के शाखा अध्यक्ष भुवन भट्ट और शाखा मंत्री शंकर पाल के नेतृत्व में सभी रोडवेज कर्मचारियों ने शुक्रवार को दो महीने से वेतन न मिलने पर सांकेतिक धरना, प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर और जनवरी का वेतन न मिलने पर घर चलाना मुश्किल हो गया है। वेतन न मिलने पर कर्मचारियों के बच्चों की फीस देना भी मुश्किल हो गया है जबकि निगम ने चुनाव के बाद दो माह का वेतन देने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो वह रणनीति के तहत उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर हिमांशु मेहता, मधुसूदन जोशी, गोपाल सिंह महर, सतीश जोशी, प्रकाश मुरारी, ललित सौन, भुवन गहतोड़ी, केदार जोशी आदि रहे।
वहीं टनकपुर में रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा एवं उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के सदस्यों के बीच शुक्रवार को हुई वार्ता सफल रही। इसमें मंडलीय प्रबंधक ने 22 फरवरी तक वेतन दिलाने का आश्वासन दिया है। मंडलीय प्रबंधक ने कर्मियों को बताया कि फरवरी में मंडल के तीन डिपो की अधिकतर बसें विधानसभा चुनाव में लगी हैं। इससे निगम की आय प्रभावित हुई है। इस कारण वेतन देने में देरी हो रही है। इससे पहले कर्मियों ने वेतन भुगतान के लिए शुक्रवार सुबह कार्यशाला गेट पर प्रदर्शन किया था। इनमें नीरज कुमार, रवि शर्मा, अनुराग सिंह, हरीश जोशी, सलज सक्सेना आदि कर्मी थे।