चंपावत/पाटी। भारी बारिश ने मंगलवार को अमंगल बना दिया। बारिश के कहर से चंपावत जिले में दो घटनाओं में चार लोगों ने दम तोड़ दिया। चंपावत के तेलवाड़ा में मलबे की चपेट में आए पुराने मकान में तीन लोग हताहत हुए। यहां मरने वालों में मां-बेटी भी शामिल हैं। लगातार बारिश से राहत काम में परेशानी हुई। भाग कर मकान से बाहर निकलने से तीन लोगों की जान बच गई।
चंपावत के तेलवाड़ा में प्रहलाद राम और मोहन राम के संयुक्त मकान में मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे 20 मीटर ऊंचाई से तेज गति आए मलबे ने पुराने मकान को धराशायी कर डाला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मलबे में पेड़ के आने से पूरा मकान जमींदोज हो गया। मकान के अंदर वाले कमरे में काम कर रहे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
डीएम विनीत तोमर ने बताया कि मलबे में दबने से विक्रम राम (32) पुत्र प्रहलाद राम, जानकी देवी (40) पत्नी मोहन राम और आरती (15) पुत्री मोहन राम की मौत हो गई। मृतक के रिश्तेदार जगदीश राम ने बताया कि तीनों लोग घर के भीतर वाले कमरे में घरेलू काम निपटा रहे थे, तभी तेजी से आए मलबे के चलते दीवार और छत ढहने से तीनों लोग उसकी चपेट में आ गए जबकि तीन अन्य लोग बबीता देवी (32) पति विक्रम राम, जानकी देवी (37) पत्नी स्व. दीवान राम और प्रिंस (15) पुत्र विक्रम राम किसी तरह मकान से बाहर निकल जान बचा पाए।
एसडीएम अनिल गर्ब्याल, सीओ अशोक कुमार सिंह, तहसीलदार ज्योति धपवाल, कोतवाल शांति कुमार के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की राहत दस्ता तुरंत मौके पर पहुंचा लेकिन भारी बारिश के चलते राहत टीम को दबे शवों को निकालने में पांच घंटे से अधिक समय लगा। वहीं, पाटी के थानाध्यक्ष हरीश प्रसाद ने बताया कि मंगलवार दोपहर पाटी के थुवामौनी से मकान के मलबे में एक महिला के दबे होने की सूचना मिली थी। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव को निकाला गया। इस हादसे में पीआरडी कर्मी देवराम की पत्नी 40 वर्षीय आशा देवी की मौत हो गई।
एक साथ हुआ मां-बेटे का अंतिम संस्कार
चंपावत। सेलाखोला के रोपा में मलबे में दबने से दिवंगत दो लोगों का मंगलवार को भारी बारिश के बीच अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को कलावती देवी (45) पत्नी आनंद सिंह मौनी और कलावती के बेटे राहुल सिंह मौनी (17) की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। मंगलवार को गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का स्थानीय घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।