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दिल में पति खोने का दर्द तो आंखों में है लापता बेटे के मिलने की उम्मीद

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टनकपुर (चंपावत)। शारदा नदी में आया उफान लखीमपुर के खनन मजदूर पप्पू के लिए जहां काल बनकर आया, वहीं उसकी पत्नी और उसके नाबालिग बड़े बेटे को बेसहारा कर गया।
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पति के साथ छोटा बेटा भी लापता है, जिसका पांच दिन बाद भी पता नहीं चल पाया है। 15 वर्षीय बड़े बेटे के साथ रजनी पति की मौत का दर्द और लापता बेटे के मिलने की उम्मीद लिए हुए यहीं पर डेरा जमाए बैठी है।
गत 20 मई की रात शारदा में आए उफान ने पति और दो बेटों के साथ मेहनत मजदूरी करके गरीबी में जीवन यापन कर रहे परिवार के सपने को पलभर में बिखेर कर रख दिया।
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रजनी के पास गांव में न तो खेती करने के लिए जमीन है और न यहां कोई रिश्तेदार और रहने का ठिकाना है। ऐसे में गैंड़ाखाली के पूर्व बीडीसी सदस्य कुलदीप चंद्र ने मां-बेटे को अपने घर में शरण दी हुई हैं।
रजनी पांच दिन बाद भी बेटे का कुछ पता नहीं चलने से व्यथित है, लेकिन उसे उम्मीद है कि उसका बेटा जरूर मिलेगा। इधर, पुलिस भी लापता कुंदन की खोज में जुटी हुई है।
सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि शारदा खनन क्षेत्र से लेकर बनबसा बैराज तक पुलिस की टीमें लगातार लापता कुंदन की खोज कर रही है।
आर्थिक मदद दिलाने के लिए प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
प्रशासन ने मृतक खनन मजदूर पप्पू लाल के परिवार को आर्थिक मदद देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि राजस्व टीम को हादसा और परिवार के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के बाद मृतक मजदूर के परिवार को नियमानुसार आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
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