लोहाघाट (चंपावत)। ब्लॉक क्षेत्र के नेपाल सीमा से लगे सुल्ला गांव के 15 लोग उल्टी-दस्त की चपेट में हैं। ग्राम प्रधान सावित्री देवी सहित छह लोग की तबियत बिगड़ने पर चंपावत जिला अस्पताल भेजा गया। इलाज के बाद सभी की तबियत में सुधार है। वहीं रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुल्ला गांव पहुंच ग्रामीणों का परीक्षण किया। टीम ने स्थिति के काबू में होने का दावा किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोक सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत सुल्ला में पांच दिनों के अंतराल में 15 लोग एकाएक उल्टी, दस्त, बुखार की चपेट में आए। बताया गया कि नौले का पानी पीने से यह नौबत आई है। सुल्ला गांव में इलाज की व्यवस्था नहीं होने से बीमार लोगों को 45 किमी दूर लोहाघाट लाया गया। नौ लोगों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि छह लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
ग्राम प्रधान सावित्री देवी (27) पत्नी त्रिलोक सिंह, सरस्वती देवी (42) पत्नी रामी चंद डुंगरालेटी, लक्ष्मण सिंह (45) उनकी पत्नी थारू देवी (42), प्रहलाद सिंह (55) पुत्र आन सिंह, लक्ष्मी कुमारी (15) पुत्री धन सिंह को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। फिजीशियन डॉ. अजय कुमार ने सभी का इलाज किया। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी ने बताया कि सभी लोगों की तबियत में सुधार है और अब सभी खतरे से बाहर हैं। दूषित पानी से तबियत बिगड़ने का अंदेशा जताया गया है।
सुल्ला पहुंच ग्रामीणों का परीक्षण किया
लोहाघाट (चंपावत)। सुल्ला गांव में कई लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने लोहाघाट एसडीएच के एमएस डॉ. जुनैद कमर को मौके पर भेजा। लोहाघाट से 45 किमी दूर सुल्ला पहुंच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों का परीक्षण किया। सभी को दवा दी गई। टीम ने बताया कि अब गांव में कोई बीमार नहीं है। फिर भी सावधानी बरते की नसीहत दी गई है। टीम में फार्मासिस्ट मनोज कुमार, एलडी जोशी, संदीप वर्मा शामिल थे।
ये सावधानी बरतें
उबला पानी पीएं। ओआरएस का सेवन करें। ओआरएस उपलब्ध न होने पर नमक-चीनी का घोल लें। खुला और बासी खाना न खाएं। ताजा और हल्का खाना खाएं।