बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में हुई वर्षा ने किसानों को मायूस कर दिया है। कई किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसल के अलावा खेतों में रखी कटी फसल भी भीगने से खराब हो गई है। पिछले एक सप्ताह में कई दिन हुई वर्षा ने किसान की कमर तोड़ दी है।
अचानक हुई वर्षा से क्षेत्र में खेतों में खड़ी फसल गिर जाने से नुकसान के कगार पर पहुंच गई है। धूप के बाद फसल खड़ी होने के बाद भी धान के दाने में पानी आ जाने से नमी के कारण भी नुकसान होने की आशंका है। खेतों में कटी रखी फसल भी भीगने से खराब हो गई है। इससे किसान मायूस हैं।
प्रगतिशील किसान हेमेंद्र सिंह रावत, राज्य बागवानी पुरस्कार से सम्मानित किसान जिला पंचायत सदस्य पुष्कर कापड़ी ने बताया कि धान की फसल भीगने से खराब हो गई है। दाने में नमी के आने से किसान को मुनासिब मूल्य नहीं मिल पाएगा। उन्होंने सरकार से खेतों में खड़ी, कटी फसल का आकलन करा पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बनबसा में फागपुर, भजनपुर, चंदनी, बमनपुरी, पचपकरिया, चंदफार्म, चूनाभट्टा, देशीफार्म, गढ़ीगोठ, देवीपुरा, गुदमी के अलावा टनकपुर में ककरालीगेट, आमबाग, गैंड़ाखाली, नायकगोठ, ज्ञानखेड़ा में कई बीघा भूमि पर धान की फसल खराब हो गई है। किसानों ने सरकार से नुकसान की भरपाई करने की मांग उठाई है।