बनबसा/चंपावत। विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को दूसरे देश में बेचकर साइबर फ्रॉड कराया जा रहा है। युवाओं को म्यांमार और वियतनाम सीमा पर स्थित मेवर्टी आईलैंड पर ले जाकर साइबर फ्रॉड और स्कैम कराए जा रहे थे। मना करने पर उनके साथ मारपीट की जा रही थी। किसी तरह युवा वहां से वहां भाग निकले और भारतीय दूतावास से संपर्क किया। पुलिस ने मामले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी के तलाश जारी है।
बनबसा में 10 जुलाई को गजेंद्र सिंह सौन पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम गुदमी भैसाझाला बनबसा ने तहरीर देकर बताया कि उनका पुत्र ललित सौन अपने दोस्त विकास, कमलेश और खटीमा के तीन युवकों के साथ घर से रोजगार की तलाश में दिल्ली के लिए निकला था। यहां से ये लोग बैंकाक निकल गए। इसके बाद इनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 365 भादवि के तहत मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी।
एसपी अजय गणपति ने बताया कि गुमशुदा युवकों की बरामदगी के लिए भारत देश के साथ- साथ गैर राष्ट्र् बैंकाक, म्यांमार से संबंधित होने के कारण अभियोग की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दूतावास से पत्राचार किया गया।
वादी और पीड़ितों के बयानों के आधार पर सामने आया कि राहुल उपाध्याय ने अपने दोस्त गुजरात निवासी जय जोशी, वास्तविक नाम जयदीप रामजी टोकड़िया के साथ मिलकर उत्तराखंड से सात युवाओं और अन्य राज्यों के बेरोजगार युवकों को बहलाकर विदेश में नौकरी का झांसा देकर भारत से गैर राष्ट्र बैंकाक बुलाकर विदेशी कंपनियों को 10 हजार थाई भाट प्रति व्यक्ति के हिसाब से बेच दिया। विदेशी कंपनियों ने उन्हें म्यांमार में गोपनीय स्थान पर ले जाकर उनसे स्कैमिंग का काम कराने के लिए बंधक बनाया और काम न करने पर उन युवकों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार कर जबरदस्ती काम कराया। बंधक बनाए गए युवकों को वापस भारत भेजने के लिए उनसे धनराशि की मांग कर वसूल की गई। वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से दोनों अभियुक्त युवकों के संपर्क में थे।
अभियुक्त जय जोशी जिसका वास्तविक नाम जयदीप रामजी टोकड़िया है, गुजरात राज्य के गांव टुकड़ा पोरबंदर (गुजरात) में होने की पुष्टि के बाद थानाध्यक्ष बनबसा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अभियुक्त जय जोशी को 13 सितंबर को गिरफ्तार किया। अग्रिम विवेचना धारा 323/344/346/347/367/374/386/419/420/120 बी भादवि के तहत की जाएगी। गिरफ्तारी टीम में एसओजी प्रभारी मनीष खत्री, हेड कांस्टेबल पुलिस जगवीर सिंह, कांस्टेबल मदन सिंह, अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल एसओजी गणेश सिंह, कांस्टेबल एसओजी गिरीश भट्ट शामिल रहे।
एक आरोपी दुबई भागा
चंपावत। अभियुक्त ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्त राहुल उपाध्याय के साथ मिलकर बनबसा क्षेत्र के तीन और खटीमा के तीन युवकों को अपनी बातों में बहलाकर बैंकाक बुलाया था। उन्हें विदेशी कंपनियों के हाथों 10 हजार थाई भाट प्रति व्यक्ति के हिसाब से बेच दिया था। अभियुक्त राहुल उपाध्याय के वर्तमान में दुबई भाग जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
पूर्व में रहा है आपराधिक इतिहास
चंपावत। पकड़े गए अभियुक्त जय जोशी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। खटीमा कोतवाली में धारा 323/344/346/347/367/374/386/419/420/120 (बी) भादवि, थाना रायवाला देहरादून में धारा 323/344/346/347/367/374/386/419/420/120 (बी) और धारा 4/5 जुआ अधिनियम थाना कमलाबाग जिला पोरबंदर गुजरात में मामला दर्ज है।
पूरी जांच के बाद ही भेजें विदेश
चंपावत। एसपी अजय गणपति ने कहा कि विदेश में नौकरी के नाम पर झांसे में न आएं। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए पूरी जांच परख के बाद ही अपने बच्चों को विदेश में नौकरी के लिए भेजने के लिए कहा।