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चंपावत में विधानसभा चुनाव की मतगणना

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चंपावत में मतगणना स्थल के पास बने कक्ष में मौजूद प्रेक्षक एसके नायक, डीएम विनीत तोमर और एसपी देवे? - फोटो : CHAMPAWAT
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धीमी रही चंपावत सीट पर मतगणना की प्रक्रिया
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चंपावत। जिले की दो विधानसभा सीटों में से चंपावत विधानसभा सीट की मतगणना बेहद धीमी गति से चली जबकि पोलिंग बूथ अधिक होने के बावजूद लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र की मतगणना समय से और तेजी से पूरी हुई। चंपावत में 151 बूथों की गणना 13वें चक्र और लोहाघाट में 182 बूथों की गणना 16वें चक्र में पूरी हुई। लोहाघाट का नतीजा चंपावत से एक घंटे पहले निकला।
मीडिया सेंटर में रहा अव्यवस्थाओं का बोलबाला
चंपावत। विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए पुराने पॉलीटेक्निक भवन में बनाए गए मीडिया सेंटर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। बेहद संकरे कमरे में बनाए गए मीडिया सेंटर में मीडिया कर्मियों के साथ कई लोगों की भीड़ रही। मीडिया सेंटर में लगाए गए दो टीवी में से एक कुछ देर चलने के बाद अचानक बंद हो गया।
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खुशाल अधिकारी को नहीं रोक पाए पुलिसकर्मी
चंपावत। लोहाघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी खुशाल अधिकारी को जैसे ही अपनी जीत की सूचना मिली तो वह पूरे लाव लश्कर के साथ मतगणना केंद्र में पहुंच गए। इस दौरान सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी भी खुशाल को नहीं रोक पाए। मतगणना जारी रहने के दौरान मतगणना केंद्र के बाहर नारेबाजी के कारण माहौल बिगड़ने से बाल-बाल बच गया।
पहले चरण की गिनती के बाद ही चले गए खर्कवाल
चंपावत। विधानसभा चुनाव के पहले चरण की गिनती के बाद ही कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल मतगणना केंद्र को छोड़ कर चले गए। हुआ यूं कि कांग्रेस प्रत्याशी खर्कवाल मतगणना शुरू होते ही मतगणना केंद्र में पहुंच गए थे। पहले चक्र में भाजपा को 1836 और कांग्रेस को 1810 वोट मिले। पहले चरण में 26 वोटों से पिछड़ते ही खर्कवाल मतगणना केंद्र को छोड़कर चले गए।
जीत की घोषणा से पहले ही की गोलज्यू मंदिर में पूजा
चंपावत। कांग्रेस के लोहाघाट विधानसभा सीट के प्रत्याशी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी ने अपनी जीत की घोषणा से पहले ही न्याय के देवता गोलज्यू मंदिर में पूजा, अर्चना की। मीडिया कर्मियों की ओर से जीत के बाद प्राथमिकता पूछे जाने पर उन्होंने लोगों की कसौटी पर खरा उतरने की बात कही।
सच साबित नहीं हुआ भाजपा के बीच भितरघात का अंदेशा
चंपावत। विधानसभा सीट में भाजपा प्रत्याशी कैलाश चंद्र गहतोड़ी की ओर से मतदान के तुरंत बाद भितरघात की आशंका जताने का अंदेशा सच साबित नहीं हो पाया। कैलाश ने 14 फरवरी को हुए मतदान के बाद सीट पर जबर्दस्त भितरघात का अंदेशा जता पार्टी हाईकमान से शिकायत की थी लेकिन कैलाश अच्छे अंतर से जीत हासिल करने में कामयाब रहे।
दिनभर खाने पीने के सामान को तरसते रहे लोग
चंपावत। विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान मतगणना स्थल के आसपास दुकानें बंद होने के कारण लोग दिनभर खाने-पीने के सामान के लिए तरसते रहे। प्रशासन की ओर से चुनाव ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों के लिए भोजन पानी की व्यवस्था के लिए लगाए गए स्टाल पर भीड़ रही। इसमें कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य को भोजन नहीं मिल पाया।
उम्मीद से पहले आया लोहाघाट क्षेत्र का चुनाव परिणाम
चंपावत। जिले की दोनों विधानसभा सीटों में पोलिंग बूथ अधिक होने के बावजूद लोहाघाट सीट का चुनाव परिणाम उम्मीद से पहले आ गया। चंपावत की अपेक्षा लोहाघाट सीट में पोलिंग बूथों की संख्या अधिक होने के बावजूद लोहाघाट सीट का चुनाव परिणाम चंपावत सीट से पहले आया। इस कारण मतगणना स्थल पर कयासबाजी का दौर जारी रहा।
पम्दा बूथ में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों को मिले बराबर वोट
चंपावत। लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के दौरान उस समय बड़ा रोचक मामला सामने आया, जब बाराकोट के पम्दा पोलिंग बूथ की मतगणना की गई। यहां पड़े 438 वोटों में से भाजपा प्रत्याशी पूरन सिंह फर्त्याल और कांग्रेस प्रत्याशी खुशाल सिंह अधिकारी ने 219-219 वोट प्राप्त किए। सूखीढांग बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी को 230 और भाजपा प्रत्याशी को 232 वोट मिले।
गृह क्षेत्र और मैदानी क्षेत्र से पीछे रहे कांग्रेस प्रत्याशी
चंपावत। विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने के साथ ही प्रत्याशियों के हार-जीत की दिशा तय हो गई थी। कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल पहले चरण में अपने गृहक्षेत्र दयारतोली से पीछे रहने के साथ ही टनकपुर-बनबसा के मैदानी क्षेत्र से भी पीछे रहे। आम तौर पर चंपावत विधानसभा सीट पर मैदानी क्षेत्र से बढ़त हासिल करने वाले प्रत्याशी की ही जीत होती आई है।
चुनाव परिणाम जानने के लिए बेहद उत्सुक रहे लोग
चंपावत। विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान अधिकतर लोग चुनाव परिणाम जानने के लिए बेहद उत्सुक रहे। मतगणना केंद्र के 100 मीटर की दूरी में विभिन्न पार्टियों के समर्थक सुबह से ही डेरा डाले रहे, जो चुनाव परिणाम जानने के लिए हर पल उत्सुक रहे। सोशल मीडिया में चुनाव परिणाम जानने के लिए भी लोग बेहद उत्सुक रहे।
मतगणना के दौरान बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
चंपावत। विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय के बाजार में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन चुनाव परिणाम की घोषणा होते ही मुख्यालय में आतिशबाजी का सिलसिला तेज हो गया जो बहुत देर तक जारी रहा। जीतने वाले प्रत्याशियों के समर्थक मुख्यालय में देर तक आतिशबाजी कर खुशियां मनाते रहे।
होली से पहले खूब उड़ा रंग, अबीर, गुलाल
चंपावत। मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होते ही प्रत्याशियों और समर्थकों ने होली से पहले खूब रंग, अबीर-गुलाल उड़ाया। इस दौरान मतगणना केंद्र के बाहरी क्षेत्र में कुछ लोगों ने फूल मालाओं के साथ ही रंग, अबीर-गुलाल की दुकानें लगाई थीं। जीतने वाले प्रत्याशियों के समर्थकों ने खूब होली खेली।
दिनभर बंद रही शराब की दुकानें
चंपावत। मतगणना दिवस के दिन प्रशासन की ओर से जिलेभर में शराब की दुकानों को बंद रखा गया था। इस कारण चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों के समर्थकों को मायूसी का सामना करना पड़ा। हालांकि कई समर्थक चुनाव के नतीजे आने से पूर्व ही सड़कों में झूमते नजर आए।
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केेवल दो प्रत्याशी ही पहुंचे मतगणना केंद्र
चंपावत। जिले की दोनों विधानसभा सीटों में चुनाव के नतीजे जानने के लिए केवल दो प्रत्याशी ही मतगणना केंद्र में पहुंचे। चंपावत में कांग्रेस के प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल और लोहाघाट सीट से कांग्रेस प्रत्याशी खुशाल सिंह अधिकारी ही मतगणना केंद्र पहुंचे। चंपावत के भाजपा प्रत्याशी कैलाश गहतोड़ी भी मतगणना शुरू होने के बाद ही मतगणना केंद्र में पहुंचे।
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