टनकपुर उप जिला अस्पताल में टीकाकरण में योगदान करने वाली स्वास्थ्य और अन्य विभाग की टीम।
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चंपावत। कोविड का टीका लगाने से पहले छिटपुट झिझक थी, लेकिन टीका लगने के बाद वे अधिक ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं। ये कहना है चंपावत जिला अस्पताल में सबसे पहले टीका लगाने वाले पर्यावरण मित्र विपिन कुमार का। कहते हैं कि टीका लगाने के बाद उन्होंने अपने अनुभव परिवार के लोगों से साझा किए, तो परिवार के लोग भी टीका लगाने को आतुर हैं। कमोबेश ऐसे ही अनुभव टनकपुर में सबसे पहले टीका लगाने वाले पर्यावरण मित्र दीपक कुमार के हैं।
टनकपुर अस्पताल में दूसरे नंबर पर टीका लगाने वाले फार्मेसिस्ट महेश भट्ट भी टीका लगने के बाद से आनंदित हैं। कहते हैं कि टीका लगाने के बाद शरीर में स्फूर्ति बढ़ी है। उनकी पत्नी माया भट्ट, बेटे रोमित और बेटी गरिमा भी टीका लगाने को लेकर उत्सुक हैं। टीके को लेकिर किसी तरह की आशंका नहीं है।
टीका लगाने के बाद बेहतर महसूस कर रहे पांडेय
चंपावत। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला प्रबंधक गौरव पांडेय पहले दिन टीका लगाने वालों में थे। टीका लगाने के बाद उनका कहना है कि कोविड का टीका लगने के बाद वे बेहतर महसूस कर रहे हैं। यहां तक कि उन्हें कमजोरी या किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। टीके को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए उन्होंने अन्य लोगों से भी टीकाकरण के लिए आगे आने की अपील की है।
कुमाऊं मंडल में सबसे ज्यादा टीकाकरण चंपावत में
चंपावत। टीकाकरण में चंपावत जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कुमाऊं मंडल में सबसे ज्यादा 79.50 प्रतिशत (200 में से 159) टीकाकरण चंपावत जिले में हुआ है। टीकाकरण की कामयाबी से गदगद डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय और सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने कहा कि आगे भी टीकाकरण को लेकर पूरी सजगता और सतर्कता बरती जाएगी। चंपावत और टनकपुर दोनों अस्पतालों में टीका लगाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी तरह के दुष्प्रभाव नहीं हुए हैं। नेटवर्किंग और अन्य व्यवस्थाएं भी पूरी तरह ठीक रही है। शानदार प्रदर्शन के लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले की पीठ थपथपाई है।