चंपावत। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और प्रतिपक्ष की नेता इंदिरा हृदयेश ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले में हुई वारदात के लिए सरकार को आड़े हाथों लिया। बुधवार को यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि किसानों के ट्रैक्टर परेड में हुई घटना निंदनीय है, लेकिन परेड में शामिल मुट्ठीभर असामाजिक तत्वों को पहचानने और रोकने में केंद्र सरकार और उसका खुफिया तंत्र पूरी तरह नाकाम रहा। इससे देश की छवि पर आंच आई है। आरोप लगाया कि तीनों कृषि कानून किसानों और खेती पर हमला करने वाले हैं और इन कानूनों का फायदा चंद कारपोरेट घरानों को होगा।
दोनों नेताओं ने कहा कि 2022 का चुनाव पार्टी सामूहिक नेतृत्व पर लड़ेगी। कहा कि सरकार नई नौकरी देना तो दूर, पहले से संविदा पर लगे युवाओं को नौकरी से हटा रही है। इससे पूर्व चेयरमैन विजय वर्मा की अध्यक्षता और युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज प्रहरी के संचालन में हुई बैठक में दोनों नेताओं ने एकजुटता पर जोर देने के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए जमीन पर काम करने का आह्वान किया। बैठक में पूर्व विधायक और प्रदेश महामंत्री हेमेश खर्कवाल, भुवन कापड़ी, प्रदेश उपाध्यक्ष आर्यन शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केएस अधिकारी, भगीरथ भट्ट, बॉबी राठौर, पूरन कठायत, मुन्ना ढेक, हरीश चौधरी, हरगोविंद बोरा, विकास साह आदि मौजूद थे।
देऊ के परिजनों को सांत्वना दी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और प्रतिपक्ष की नेता इंदिरा ह्यदेश, पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल ने बैठक से पहले कांग्रेस नेता उत्तम देऊ के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष देऊ का 24 जनवरी को हृदयाघात से निधन हो गया था। उन्होंने देऊ को निष्ठावान कार्यकर्ता बताते हुए पार्टी की ओर से समुचित मदद का परिजनों को आश्वासन दिया।