चंपावत में ढकना बडोला के जंगल में वन विभाग की ओर से बाघ को पकडने के लिए लगाया गया पिंजड़ा।
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चंपावत। जिला मुख्यालय के ढकना बडोला में पांच दिन पूर्व महिला को मौत के घाट उतारने वाला बाघ वन विभाग की पकड़ से बाहर है। वन विभाग की ओर से कैमरा ट्रैप में बाघ दिखने के बाद बड़ा पिंजरा लगा दिया गया है। इससे पूर्व तक हमलावर को तेंदुआ समझ कर विभाग ने छोटा पिंजरा लगाया था लेकिन हमलावर के तेंदुए के बजाय बाघ होने के कारण अब बड़ा पिंजरा लगा दिया गया है।
वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि शुक्रवार को पांचवें दिन भी वन विभाग की टीमें हमलावर बाघ की तलाश में जुटी रही। उन्होंने बताया कि तीन दिन पूर्व जंगल के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में बाघ समेत कई जंगली जानवरों के फोटो कैद हुए हैं। उन्होंने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में मांस का टुकड़ा रखा गया है। शुक्रवार को वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाने के कार्य में आसपास के ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया।
दहशत के साथ ही अफवाह भी बढ़ी
चंपावत। ढकना बडोला में हमलावर बाघ की दहशत के साथ ही क्षेत्र में कई अफवाहों भी बढ़ी है। कुलेठी, तिलोन, डड़ा बिष्ट, डुंगरासेठी आदि कई स्थानों पर बाघ दिखने की अफवाह फैली है। लोग आपस में एक-दूसरे से पूछकर इन सूचनाओं की जांच कर रहे हैं लेकिन पुष्टि नहीं हो सकी।
चारे और जलौनी लकड़ी की कमी
चंपावत। ढकना बडोला गांव में ग्रामीणों के समक्ष चारे और जलौनी लकड़ी की समस्या गहराने लगी है। बाघ के खौफ के कारण महिलाओं और ग्रामीणों ने जंगल जाना छोड़ दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वह मवेशियों को सूखी घास खिला रहे थे, लेकिन अब सूखी घास भी खत्म होने वाली है। उन्होंने बाघ को जल्द पकड़ने की मांग की है।