चंपावत/लोहाघाट। बाराकोट में शनिवार को लगे बहुउद्देश्यीय शिविर में दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने के लिए डॉक्टरों के न पहुंचने से भड़के ग्रामीण और नुमाइंदों ने 25 किमी दूर चंपावत कलक्ट्रेट पहुंच विरोध जताया।
उनकी नाराजगी इस कदर रही कि सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राय और पूर्व ब्लॉक प्रमुख बहादुर फर्त्याल के नेतृत्व में शनिवार शाम को सीएमओ को हटाने की मांग को लेकर धरना शुरू हो गया।
शनिवार को बाराकोट में लगे बहुउद्देश्यीय जन सुविधा शिविर में 12 विभागों के बजाय सिर्फ चार विभाग उद्यान, ब्लॉक, सहकारिता और डीपीआरओ के विभागीय अधिकारी ही आए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिर्फ दो डॉक्टर पहुंचे, जबकि दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए ही पांच डॉक्टर चाहिए थे।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राय सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि शिविर के आयोजन को लेकर क्षेत्र में प्रतिनिधियों के स्तर से भी जानकारी दी गई थी, जिससे दूरदराज से काफी लोग भी आए थे।
दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए कई बार सीएमओ को फोन करने के बावजूद फोन नहीं उठा। इससे भड़के जनप्रतिनिधि शनिवार शाम चार बजे कलक्ट्रेट पहुंच धरने पर बैठ गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय की मौजूदगी में हुए प्रदर्शन में ज्येष्ठ उपप्रमुख नंदाबल्लभ बगौली, राजू अधिकारी, सुरेंद्र सामंत, प्रकाश राय, निर्मलनाथ, राकेश बोरा, दीपक करायत, निर्मल, राकेश, अनिल, हयात, हीराबल्लभ आदि थे।
बाराकोट शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं बनने थे। शनिवार को विभागीय व्यस्तता के कारण पहले ही सूचना दी जा चुकी थी। हो सकता है कि कहीं कोई गलतफहमी की वजह से प्रमाणपत्र के लिए लोग आ गए हों। अब 31 अगस्त को बाराकोट में शिविर लगाकर प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे।
- डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।