टनकपुर ट्रामा सेंटर में टीकाकरण कराती 13 वर्षीय अंशु। संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत। घर के काम हों या स्कूल की पढ़ाई हो, परीक्षा परिणाम हो या खेल अथवा दूसरी गतिविधियों में लड़कियों का कोई जवाब नहीं। कमोबेश इसी क्रम को लड़कियों ने अपने जिले में भी आगे बढ़ाया है। टीकाकरण में भी लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा है लेकिन यह अंतर मामूली है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कोविड से बचाव के लिए 12 से 14 साल तक के बच्चों को शनिवार तक लगे टीकों में लड़कियों का हिस्सा 53 प्रतिशत (1671) रहा है जबकि 47 प्रतिशत (1453) लड़कों ने टीके लगवाए। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि 12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण में 9684 में से 3124 बच्चों ने टीके लगाए हैं। टीका लगाने में बच्चियां आगे हैं।
चंपावत जिले के कोरोना टीकाकरण संबंधी आंकड़े
श्रेणी लक्ष्य प्रथम खुराक दूसरी खुराक
15 से 17 वर्ष 15516 12648 7741
12 से 14 वर्ष 9684 3124 0000
टीके लगाने के लिए सवा साल से अभियान चल रहा हैं। ऐसे में जब टीका लगाने का अवसर मिला है, तो उसे क्यों गंवाया जाए। टीका ही कोरोना से बचाव है, इसलिए हम टीका लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। - हिमानी शर्मा, चंपावत।
टीका लगाना कोरोना से बचाव का मूलमंत्र है। ऐसे में टीका लगाने में क्यों पीछे रहा जाए? परिवार के बड़े से लेकर स्कूल तक में सभी जगह टीका लगाने के फायदे बताए जा रहे हैं। इसका असर भी हो रहा है। - शुभांगी पांडेय, चंपावत।