आदिबदरी। जंगलों और पर्यावरण को आग से बचाने के लिए चलाई जा रही जागरूकता और अध्ययन यात्रा बुधवार को आदिबदरी पहुंची। यहां हुई गोष्ठी में ग्रामीणों ने खुलकर वन प्रबंधन और वनाग्नि के विषय पर अपनी बात रखी।
किरसाल के पूर्व सैनिक वीरेंद्र चौधरी ने बड़ी पंचायतों में सुरक्षा के लिए चौकीदार की नियुक्ति, ऐरोली के सरपंच सुरेंद्र सिंह तथा माले के सरपंच रूपचंद्र ने गांवों में वन पंचायतों का गठन, कांसुवा के प्रधान भूपेंद्र सिंह कुंवर ने समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। संस्था के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष बढ़ रही वनाग्नि की घटनाएं चिंता का विषय है। इस अध्ययन यात्रा का मुख्य उद्देश्य, वनाग्नि की दृष्टि से अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पद यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करना और आग के दुष्प्रभावों पर संवाद करना है। नंदासैंण से शुरू हुई यात्रा चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र गोपेश्वर तथा चिपको आंदोलन की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल की ओर से आयोजित की जा रही है। अभियान में अशोक चौधरी विनय सेमवाल, मंगला कोठियाल, बचन सिंह रावत, महेंद्र सिंह रावत शामिल थे। संवाद