श्रीनगर रेंज के अंतर्गत देलचौरी क्षेत्र में जंगल की आग सांपला गांव तक पहुंच गई। तेज हवा से आग विकराल हो गई, जिससे गांव तीन ओर आग से घिर गया। ग्रामीणों और वन विभाग ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
शुक्रवार शाम किसी ने श्रीनगर-देलचौरी मोटर मार्ग पर सांपला गांव से कुछ दूर जंगल में आग लगा दी। तेज हवा से आग कुछ ही देर में गांव तक पहुंच गई। गांव के समीप वन विभाग ने कुछ माह पूर्व पौधे रोपे थे। यह भी आग में घिर गए। गांव के एक कोने में बंद मकान तक आग पहुंचने पर लोग वहां आग बुझाने पहुंचे। लेकिन, तब तक दूसरी तरफ से गांव तक आग पहुंच गई। स्थानीय निवासी प्रमोद बमराड़ा ने बताया कि काफी कोशिश के बावजूद आग नहीं बुझ पाई।
पूरा जंगल जल गया नहीं पहुंचा कोई कर्मचारी
उज्ज्वलपुर के जंगल में लगी आग से पांच हेक्टेयर क्षेत्र में फैली वन संपदा जला चुकी है। स्थिति यह रही कि सूचना के बाद भी वन विभाग का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा और पूरा जंगल जलने के बाद आग खुद बुझ गई। आग से सिरोली, भटोली, तोप, सेम, डुंग्री, जसपुर व उज्ज्वलपुर गांवों में धुंध छाई है। वहीं, चार दिनों से कर्णप्रयाग, लंगासू, गौचर, आदिबदरी, गैरसैंण में भी आग से धुंध छाई हुई है।
उज्ज्वपुर क्षेत्र के सुरेंद्र, अंकित, राम सिंह, बलबीर व बसंत शाह व बीरेंद्र कुमार ने कहा कि बृहस्पतिवार रात करीब सात बजे असामाजिक तत्वों ने चीड़ के जंगल में आग लगा दी। पिरूल अधिक होने के कारण रातभर जंगल जलता रहा। लोगों ने जंगल में आग लगने की सूचना वन विभाग को दी, लेकिन वन विभाग से आग बुझाने कोई नहीं पहुंचा। हालांकि पूरा जंगल जल जाने के बाद शुक्रवार को आग बुझ गई। आग से कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे पर पत्थर गिर रहे हैं। रेंजर प्रदीप गौड़ ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अब उज्ज्वलपुर के जंगल में लगी आग बुझ गई है। आग लगाने वाले असामाजिक तत्व का पता लगाया जा रहा है। संवाद
आग से जीआईसी चमकोट के भवन को नुकसान
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के धनपुर पट्टी में जंगल की आग राजकीय इंटर कॉलेज जसोली-चमकोट तक पहुंच गई, जिससे भवन को क्षति पहुंची है। ग्रामीणों व विद्यालय कर्मचारियों ने आग पर बमुश्किल से काबू पाया।
बृहस्पतिवार रात लगभग दस बजे जमकोट के जंगल में लगी आग जीआईसी चमकोट के भवन तक पहुंच गई और कुछ ही देर में लकड़ी की छत ने आग पकड़ ली, जिससे व जलने लगी। इसी दौरान कुछ स्कूल कर्मचारी और ग्रामीणों ने यह देखा तो वह मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गए। लगभग एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि अगर, घटना देर रात की होती हो संपूर्ण विद्यालय भवन जल जाता। प्रधानाचार्य भुवनेश भट्ट ने बताया कि विद्यालय आग की सूचना अग्निशमन दस्ते को दे दी थी, लेकिन ग्रामीणों व विभागीय कर्मचारियों ने आग को बुझाने में सफलता पाई। इसके बाद अग्निशमन दल को आधे रास्ते से वापस भेज दिया गया। संवाद
रातभर धधकते रहे भरदार, धनपुर के जंगल
जिला मुख्यालय से लगे धनपुर व भरदार क्षेत्र के जंगल बृहस्पतिवार रातभर धधकते रहे। यहां बिलोटा, अमसारी सहित अन्य क्षेत्रों में आग की लपटें आसमान छूती रहीं। उधर, जखोली और अगस्त्यमुनि रेंज में भी कई जगह जंगलों में आग लगी रही, जिससे रातभर वन संपदा जलती रही। शुक्रवार को दोपहर तक रुद्रप्रयाग नगर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में गहरी धुंध छाई रही। संवाद
जंगलों में आग, बस्तियों में आ रहे जंगली जानवर
जंगलों की आग से परेशान जंगली जानवर बस्तियों का रुख करने लगे हैं। तिलोथ क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात को एक लैपर्ड कैट मोहल्ले में दिखाई दी, जिसे स्थानीय निवासियों ने शावक समझा और दहशत में रहे। अब वन विभाग जंगलों की आग पर असामाजिक तत्वों खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कह रहा है।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार तक उत्तरकाशी वन प्रभाग में वनाग्नि की 74 घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 45 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है। जंगलों की आग से जंगली जानवर अब बस्तियों की ओर आने लगे हैं। कुछ दिन पूर्व जनपद मुख्यालय से लगे बोंगा गांव में दो गुलदार खेतों में दिखाई दिए थे। इस दौरान भी समीपवर्ती क्षेत्र के जंगलों में भयंकर आग लगी थी। बृहस्पतिवार रात को तिलोथ क्षेत्र में लेपर्ड कैट आवासीय भवन की छत पर दिखाई दी, जिसे स्थानीय निवासी गुलदार का शावक समझ बैठे। उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ पुनीत तोमर ने बताया कि जंगलों की आग पर नियंत्रण के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आग की घटना पर असामाजिक तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। संवाद