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Iसड़कों और पुलों के निर्माण पर पड़ रहा असरI
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के विभाग में अभियंताओं की कमी है। इसका असर पुल व सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर पड़ रहा है।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पीएमजीएसवाई की अधिकांश सड़कें ऐसी हैं जो खस्ता हालत में हैं। जबकि कुछ सड़कों पर सालों से निर्माण कार्य चल रहा है। इनकी गुणवत्ता को परखने के लिए कोई भी अभियंता नहीं हैं। पीएमजीएसवाई पोखरी के अधीन 23 सड़कों की मरम्मत होनी है। 12 सड़कें और तीन मोटर पुल निर्माणाधीन हैं। निजमुला-पाणा-ईराणी सड़क पर वीर गंगा पर पिछले एक वर्ष से पुल का कार्य हिल कटिंग और साइड समतलीकरण से आगे नहीं बढ़ पाया है। चमोली-लासी-सरतोली सड़क भी आपदा के कारण बदहाल स्थिति में है। इन सड़कों की बदहाली के कारण बड़ी आबादी परेशान हो रही है।
पीएमजीएसवाई में अभियंताओं की मौजूदा स्थिति यह है कि यहां सहायक अभियंता के स्वीकृत छह में से पांच पद रिक्त चल रहे हैं। एक संविदा पर सहायक अभियंता कार्यरत है। अवर अभियंता के स्वीकृत 17 पदों में से सात पद रिक्त चल रहे हैं। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी का कहना है कि पीएमजीएसवाई के पास ही अधिकांश सड़कों के निर्माण व मरम्मत की जिम्मेदारी है, लेकिन अभियंता नहीं होने की वजह से काम प्रभावित हो रहा है।
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता परशुराम चमोला का कहना है कि विभाग में अभियंताओं की कमी बनीं हुई है। कई बार इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी बताया जा चुका है, लेकिन हमें अभियंता नहीं मिल रहे हैं। सीमिति अभियंताओं से ही काम लिया जा रहा है।