तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों में से एक ने दिया इस्तीफा, दूसरे का अनुबंध खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चमोली जिले के एक मात्र महिला बेस को पूर्ण बेस अस्पताल का दर्जा देने के लिए समिति बीते दो माह से आंदोलित है लेकिन अस्पताल में सुविधाएं बढ़ने के बजाए कम हो रही हैं। यहां विभाग ने तीन विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति की थी लेकिन बीते कुछ माह में एक विशेषज्ञ ने इस्तीफा दे दिया तो दूसरे का अनुबंधन खत्म हो गया। अब अस्पताल महज एक विशेषज्ञ और दो अन्य मेडिकल ऑफिसरों के भरोसे संचालित हो रहा है।
सिमली में दो साल से महिला बेस अस्पताल संचालित है लेकिन यहां उपचार की व्यवस्थाएं नहीं हैं। बीते एक साल से यहां विभाग ने नेत्र रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ तैनात किए लेकिन ओटी की व्यवस्थाएं नहीं होने से एक भी ऑपरेशन नहीं हुए। एक्स-रे टेक्नीशियन नहीं होने से हड्डी रोग विशेषज्ञ को भी उपचार देने में दिक्कतें हो रही हैं। वहीं महिला अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। न तो लैब है न ही अन्य सुविधाएं। अब यहां दो विशेषज्ञ भी कम हो गए हैं। चमोली जिले के एसीएमओ डाॅ. अभिषेक गुप्ता का कहना है कि जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को लिखा गया है जिसमें सिमली अस्पताल भी शामिल है। साथ ही सिमली में वित्तीय पावर देने के लिए डीडीओ कोड (ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर कोड ) खोलने के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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सफाई कर्मी नियुक्त
दो सप्ताह पहले अस्पताल में जिलाधिकारी संदीप तिवारी के दौरे के बाद यहां साफ-सफाई के किए एक और सफाई कर्मी की नियुक्ति कर दी गई। अब अस्पताल में दो कर्मी हैं। यहां परिसर में सौर लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनके लिए पिलर लगने शुरू हो गए हैं। वहीं अस्पताल के लिए एंबुलेंस भी मिल गई है।