पीपलकोटी में श्रमदान कर रास्ता बनाने में जुटे कम्यार गांव के ग्रामीण।
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अमरपुर-कम्यार सात किमी सड़क और पैदल रास्ता भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीण लोनिवि व जिला प्रशासन का मुंह ताकने के बजाया शनिवार को स्वयं ही कुदाल, फावड़ा उठाकर पैदल रास्ते की मरम्मत में जुट गए। ग्रामीणों का कहना है कि लोनिवि के अधिकारियों से कई बार क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते के सुधारीकरण की मांग की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
कम्यार गांव में 43 परिवार निवास करते हैं। बीते 12 मई को भारी बारिश से कम्यार सड़क भूस्खलन होने से अवरुद्ध हो गई थी। ग्रामीण अवतार सिंह रावत की गोशाला भी भूस्खलन की चपेट में आ गई है। प्रधान सुमन नेगी का कहना है कि उन्होंने मई में ही लोनिवि को सड़क व पैदल रास्ते के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दे दी थी, लेकिन आज तक भी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे ग्रामीणों को करीब चार किलोमीटर की दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त होने से स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। विभाग की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिलने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने श्रमदान कर करीब 800 मीटर पैदल रास्ते को खोलने का निर्णय लिया है।
शनिवार को ग्रामीणों ने स्वयं ही कुदाल, फावड़े लेकर रास्ते का सुधारीकरण शुरू कर दिया है। ग्रामीण मुकेश नेगी, प्रदीप सिंह नेगी, जगत सिंह, भगत सिंह, कुंदन, रूद्र सिंह, अनिल सिंह, लक्ष्मी प्रसाद, प्रमोद, सूरज, सुशीला देवी के साथ ही अन्य ग्रामीण श्रमदान कर रास्ते के सुधारीकरण कार्य में लगे हुए हैं। इधर, लोनिवि के अवर अभियंता अमीन रावत का कहना है कि मई में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से काम रुका हुआ है। प्रभावित क्षेत्र में जेसीबी तैनात की गई है, लेकिन लगातार भूस्खलन होने से मशीन से काम करना मुश्किल बना हुआ है। रविवार को मौके पर मजदूरों को भेजकर ग्रामीणों की आवाजाही के लिए पैदल रास्ता खोल दिया जाएगा।