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हर हर महादेव... के जयकारों से गूंजे शिवालय

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गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए खड़े शिव भक्त। - फोटो : GOPESHWAR
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श्रावण मास के आखिरी सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से ही शिव भक्त जल और बेलपत्री चढ़ाने के लिए मंदिरों में लाइन लगाकर खड़े रहे। इस दौरान सभी शिवालय हर हर महादेव.... जय शिव शंकर... के जयकारों से गूंजते रहे।
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सोमवार को गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर और घिंघराण रोड पर स्थित गणजेश्वर मंदिर, बटलेश्वर, कल्पेश्वर सहित अन्य शिव मंदिरों में भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना की। इस दौरान भगवान शिव को जल, दूध और बेलपत्री चढ़ाई गई। पिछले एक माह से हर सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की उपासना करने के बाद सावन के आखिरी सोमवार को व्रत का समापन किया गया। भक्त घरों से प्रसाद बनाकर लाए और भगवान को चढ़ाया। वहीं पोखरी के वामेश्वर, रैसू, बसुकेदार, पुष्केश्वर, सलना, किमोठा, तोणजी, नैलेश्वर महादेव मंदिरों में भी भक्तों ने पूजा अर्चना की। इसके अलावा जोशीमठ, पीलकोटी, घाट, नंदप्रयाग सहित अन्य जगह पर भगवान शिव की पूजा अर्चना के बाद जलाभिषेक किया गया।
वहीं कर्णप्रयाग, सिमली, आदिबदरी, नारायणबगड़, थराली, देवाल, गैरसैंण सहित ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही। उमा देवी व गंगा माता मंदिर, सांकरी व जलेश्वर महादेव शिवालय, थाना स्थित शिवालय में भक्तों की भीड़ लगी रही। कपीरी पट्टी के छांतेश्वर महादेव मंदिर में दो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया। कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र नेगी ने कहा कि इस दौरान मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन भी किया गया। वहीं आदिबदरी में आकाशमुखी शिवलिंग वाले शिवालय में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। ओंकारेश्वर, रविंद्रेश्वर, नागधार व माधोघाट शिवालयों में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंचे। संवाद
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भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ समेत अन्य शिवालयों में भक्तों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। दारनाथ में मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने बाबा केदार की पूजा-अर्चना कर भोग लगाया। साथ ही दूध एवं गंगाजल से अभिषेक किया। तीर्थपुरोहित और देवस्थानम बोर्ड के कर्मियों ने भी भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। उधर द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ सहित ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, भोलेश्वर मंदिर किमाणा, रुद्रनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग, कोटेश्वर महादेव, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, सानेश्वर मंदिर सिल्ला, अगस्त्य ऋषि मंदिर अगस्त्यमुनि, तुंगनाथ-फलासी, पंचमुखी महादेव महड़ समेत अन्य शिवालयों में भी भक्तों की भीड़ रही।
घस्यामहादेव मंदिर में रोपे पौधे
श्रीनगर। सावन मास के अंतिम सोमवार को शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्रपाठ के साथ ही पौधरोपण भी किया गया। वहीं नगर के भैरव नाथ गोरक्षनाथ मंदिर नागेश्वर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भक्तों ने कमलेश्वर, कटकेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया। घस्यामहादेव मंदिर में पंडित रवि बहुगुणा ने वैदिक मंत्रों के साथ शिव अर्चना और रुद्रपाठ किया। साथ ही पौधे भी लगाए। गढ़वाल विवि के परीक्षा नियंत्रण अनुभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी हरिभजन शाह ने अपने पुत्र स्व. हिमांशु शाह की स्मृति में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज श्रीकोट गंगानाली में पौधरोपण किया। इस मौके पर विनीत गिरि, रमेश गिरि, महेश गिरि, प्रीति थपलियाल, जगमोहन कठैत, ओम प्रकाश गोदियाल, श्रीकृष्ण उनियाल, कुंवर सिंह धनाई, विक्रम सिंह धनाई और माधव गैरोला आदि मौजूद थे। संवाद
विश्वनाथ चौक पर लगा जाम
उत्तरकाशी। बाबा विश्वनाथ के मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जलाभिषेक के लिए लगी लाइन के कारण विश्वनाथ चौक पर जाम की स्थिति बनी रही। भागीरथी के घाटों पर भी गंगाजल भरने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सिद्धेश्वर महादेव, बिब्लेश्वर महादेव, कृतेश्वर महादेव, गोपेश्वर महादेव, कालेश्वर महादेव आदि मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पौराणिक मंदिर बाबा विश्वनाथ में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था।
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