विकास कार्यों के भुगतान की मांग को लेकर जिला पंचायत के ठेकेदार शनिवार को कार्यालय पर जा धमके। ठेकेदारों ने दफ्तर से अपर मुख्य अधिकारी को बाहर खदेड़कर ताला जड़ दिया। आक्रोशित ठेकेदारों ने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बावजूद उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। हालांकि बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष ने ठेकेदारों को जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया, जिस पर वे शांत हुए।
शनिवार को ठेकेदार नारेबाजी करते हुए जिला पंचायत परिसर पहुंचे। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी अरुण चंद्र बड़थ्वाल को कार्यालय से बाहर कर दफ्तर पर ताला जड़ दिया। ठेकेदारों ने कहा कि वे तीन साल से भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मौके पर पहुंची जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी ने कहा कि मामला उनके सदन का नहीं है। यह तीन साल पुराना मामला है। ये विकास कार्य तब आवंटित किए गए, जब जिला निधि में धनराशि उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से जिला पंचायत के मौजूदा बजट से इसका भुगतान बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में निदेशालय से पत्राचार किया गया है। यदि निदेशालय स्तर से किए गए कार्यों का भुगतान इसी बजट से करने के निर्देश प्राप्त हुए, तो सदन के अनुमोदन के बाद ठेकेदारों को बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। इस पर ठेकेदार शांत हुए और अपर मुख्य अधिकारी के दफ्तर का दरवाजा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों में त्रिलोक सिंह राणा, मनोजपाल सिंह, रणजीत सिंह, हरिकृष्ण पांडे, दलवीर सिंह, प्रकाश नौटियाल, श्याम राम, यशपाल लाल, कलीराम, राजेश प्रसाद, चंद्र सिंह, रणजीत भंडारी आदि शामिल थे।