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मलारी हाईवे पर फिर हुई पत्थरों की बरसात, मुश्किलें बरकरार

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मलारी हाईवे पर चट्टान से पत्थरों के छिटकने से प्रभावित हुआ हाईवे खोलने का काम। - फोटो : GOPESHWAR
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नीती घाटी में रुक-रुककर हो रही बारिश से मलारी हाईवे से मलबा हटाने का काम प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को 14वें दिन भी हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खोला जा सका। बीआरओ ने बृहस्पतिवार तक 450 मीटर हिस्से से मलबा हटा दिया था, लेकिन रात को बारिश के बाद दोबारा भूस्खलन शुरू हो गया। शुक्रवार को बीआरओ को मलबा हटाने का काम रोकना पड़ा। 14 अगस्त को सुराईंथोटा और तमक गांव के बीच चट्टान से भूस्खलन होने से मलारी हाईवे बाधित हो गया था। 18 अगस्त को चट्टान से मलबा और पत्थरों का छिटकना बंद हुआ तो बीआरओ की जेसीबी ने 500 मीटर हिस्से से मलबा और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू किया। बोल्डरों को विस्फोट कर तोड़ा गया। इसी भूस्खलन क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों और सेना व आईटीबीपी के जवानों की पैदल आवाजाही के लिए रास्ते का निर्माण भी किया गया, लेकिन बृहस्पतिवार रात को हुई बारिश के बाद से चट्टान से दोबारा पत्थर छिटकने लगे। ऐसे में हाईवे खोलने का काम प्रभावित हो गया है। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि अब मौसम सामान्य होने के बाद ही हाईवे सुचारु किया जा सकता है। वहीं, मौसम खराब होने से चौथे दिन भी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नीती घाटी की दुकानों में मोमबत्ती खत्म होने के बाद अब ग्रामीण लकड़ियां जलाकर रात बिताने के लिए मजबूर हैं।
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जुम्मा में उपलब्ध कराया जाए राशन
नीती घाटी के तमक गांव के ग्रामीणों को सरकारी राशन लेने के लिए सुराईंथोटा आना पड़ता है। अब यहां हाईवे बंद होने से ग्रामीण सस्ते गल्ले की दुकान से राशन लेने भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीण बलवंत सिंह, राय सिंह, विशन सिंह, प्रेम बुटोला और शंकर सिंह का कहना है कि जब तक हाईवे सुचारु नहीं हो जाता, उनके लिए जुम्मा की सस्ते गल्ले की दुकान से राशन उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों ने इस संबंध में जोशीमठ तहसील को भी सूचना दी है।
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