गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत भूमि अधिग्रहण के बाद अब मुआवजा वितरण शुरू हो गया है। काशी कॉरिडोर की तर्ज पर बदरीनाथ धाम में भी संधि वार्ता के आधार पर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। अभी तक 23 भू स्वामियों को छह करोड़ से अधिक धनराशि का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के कारण संधि वार्ता की टीम दूसरे राज्यों में जाकर भी भू-स्वामियों के साथ भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई कर रही है। बदरीनाथ धाम परिसर, आस्था पथ, रीवर फुटपाथ, शेषनेत्र झील आदि के सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए सरकारी व निजी भूमि व भवनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। धाम में अधिकांश धर्मशालाओं का निर्माण ट्रस्टों की ओर से किया गया है। इन दिनों धाम के कपाट बंद होने के कारण ट्रस्टी व भू स्वामी मैदानी क्षेत्रों में हैं। इसे देखते हुए टीम संबंधित स्थानों पर जाकर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को पूरा कर रही है। अभी तक संधि वार्ता के आधार पर 23 लोगों को लगभग छह करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। संधि वार्ता के लिए अलग से टीम गठित की गई है। इसमें उपजिलाधिकारी जोशीमठ, नगर पंचायत बदरीनाथ के अधिशासी अधिकारी और नायब तहसीलदार जोशीमठ को जिम्मेदारी दी गई है। जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि मास्टर प्लान के तहत संधि वार्ता का काम जारी है।