हाट गांव में अपने मकान के मलबे को निहारता सेना का जवान आशीष।
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कुछ दिन पहले एक माह की छुट्टी पूरी करने के बाद तैनाती स्थल पंजाब लौटे सेना के जवान आशीष हटवाल को जब घर से सूचना मिली कि उनके हाट गांव में मकान को ध्वस्त कर दिया गया है तो आशीष से रहा नहीं गया और वह रविवार को घर पहुंच गया। जब वह अपने गांव पहुंचा तो गांव के मंजर को देख भावुक हो उठा और आंसू आ गए।
देखा कि गांव में सभी मकान ध्वस्त पड़े थे और उनके मकान के आगे सिर्फ मलबे का ढेर पड़ा है। वह अपनी मां नर्वदा देवी और सगे-संबंधियों के गले लिपटकर फफक फफककर रोने लगा। आशीष नर्वदा देवी का इकलौता बेटा है और अब नवंबर माह में उसकी शादी है। ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल का कहना है कि टीएचडीसी और जिला प्रशासन ने एक तरफा कार्रवाई की है। ग्रामीणों को संभलने का मौका भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि टीएचडीसी से तीन अक्तूबर तक का समय मांगा गया था, लेकिन कंपनी की ओर से ग्रामीणों के साथ बेहद गलत किया है। गांव के छोटे-छोटे देवालयों को भी तोड़ दिया गया है।
मुख्यमंत्री को बताएंगे समस्याएं
गोपेश्वर। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में हाट गांव के परियोजना प्रभावित जल्द ही मुख्यमंत्री से भेंटकर उनके समक्ष अपनी मांगों को रखेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि जहां प्रभावितों का पुनर्वास किया जा रहा है वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं साथ ही लक्ष्मीनारायण मंदिर और शिवालय के संरक्षण की मांग भी की गई।
विधायक महेंद्र भट्ट ने बताया कि बार-बार आश्वासन देने के बाद भी टीएचडीसी की ओर से ग्रामीणों की मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश है। कहा कि 22 सितंबर को विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्मात्री कंपनी टीएचडीसी ने परियोजना प्रभावित हाट गांव के मकानों को ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद से ग्रामीण आंदोलनरत हैं। विधायक महेंद्र भट्ट ने भी टीएचडीसी और चमोली जिला प्रशासन की इस एक तरफा कार्रवाई पर मुख्यमंत्री के सम्मुख नाराजगी जताई थी। संवाद