विषम परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक पढ़ाई से दूरी रही फिर भी कमला देवी में पढ़ाई की ललक कम नहीं हुई। उन्होंने हिम्मत ठानी और वर्षों से छूटी पढ़ाई फिर शुरू की और आज उन्होंने 12वीं की परीक्षा पास कर ली। आज वह तीन बच्चों की मां हैं फिर भी वह अपनी जिम्मेदारियों के साथ ही अपनी पढ़ाई पूरी करने में डटी हैं।
चमोली जिले के पलेठी गांव की कमला देवी (34) ने वर्ष 2001 में आठवीं तक की पढ़ाई की, लेकिन स्कूल दूर होने और गरीबी के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। वर्ष 2006 में उनकी शादी हो गई। कमला पढ़ाई में अच्छी थीं। इस बीच गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक नहीं होने पर ग्रामीणों की सहमति पर उन्होंने कुछ दिन तक बच्चों को पढ़ाया। इसके बाद विद्यालय की प्रधानाध्यापिका चंद्रप्रभा नौटियाल ने कमला को आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2017 में उन्होंने नवीं कक्षा पास की और वर्ष 2018 में दसवीं पास की। इस बार 12वीं की परीक्षा (कला वर्ग में प्राइवेट किया) में वह द्वितीय श्रेणी में पास हुई हैं। कमला देवी की बड़ी बेटी इस साल दसवीं कक्षा में आई है जबकि एक बेटा आठवीं और एक पांचवीं में है। उन्होंने बताया कि पढ़ने की बात पर पति हरेंद्र रावत ने पूरा सहयोग किया। कुछ लोग ताने भी मारते थे, लेकिन मुझे पढ़ना था तो किसी की चिंता नहीं की। ट्यूशन न लेकर खुद तैयारी की। अब आगे भी पढ़ाई जारी रखने का प्रयास करूंगी।