नौनिहालों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों से बांटा जाता है पोषण आहार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार से आंगनबाड़ी केंद्रों से नौनिहालों, बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार वितरण का काम ठप हो गया है। साथ ही बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों पर होने वाली गतिविधियां भी बंद हो गई हैं। सोमवार को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर डटी रहीं।
मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 21 फरवरी से कार्य बहिष्कार पर डटी हैं। जिले में 1078 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिसमें 724 आंगनबाड़ी और 354 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों से पका हुआ भोजन पाने वाले बच्चों की संख्या 8918 है, जबकि केंद्रों से टीएचआर (टेक होम राशन) लेने वाले बच्चों की संख्या 13446 है। गर्भवती 2234 और धात्री महिलाएं 2602 हैं जिन्हें केंद्रों से पोषण आहार वितरित होता है। मगर कार्य बहिष्कार के कारण किसी को भी पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। इधर, आंगनबाड़ी संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष आशा थपलियाल, अनीता नेगी, गीता, रुद्रा रावत, मंजू, उर्मिला, सरस्वती आदि का कहना है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा।
मांगों को लेकर प्रदर्शन
कर्णप्रयाग/नारायणबगड़/थराली/देवाल/गैरसैंण। मानदेय 18 हजार करने सहित अन्य मांगों को लेकर यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और तहसील परिसर में धरना दिया। कर्णप्रयाग में ब्लाॅक अध्यक्ष शोभा बिष्ट के नेतृत्व में उन्होंने रैली निकाली। वहीं नारायणबगड़ में आंगनबाड़ी संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष मीरा बिष्ट, उपाध्यक्ष मोहनी गौड़, महामंत्री शकुंतला भंडारी, संगठन मंत्री कमला नेगी, मंजू रावत, मुन्नी कंडारी आदि शामिल थे। वहीं देवाल में ब्लॉक अध्यक्ष इंद्रा कुनियाल ममता खत्री, धनेश्वरी देवी, चमेली देवी, अंजनी बिष्ट, कमला मिश्रा, सावित्री देवी, तुलसी देवी आदि शामिल रहे। जबकि थराली में ब्लाॅक अध्यक्ष शशिकला, सचिव यश्विनी रावल, पुष्पा खंडूड़ी, दीपा देवराड़ी, दुर्गा जोशी आदि शामिल थे। वहीं गैरसैंण में ब्लाॅक अध्यक्ष विमला गैरोला, मीना देवी आदि शामिल थे। संवाद