पशुपालन मंत्री के आश्वासन के बावजूद पीपलकोटी बंड क्षेत्र में पशु अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के पशुपालकों को पशु अस्पताल न होने से परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। वर्ष 2019-20 में पीपलकोटी पशु अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव कैबिनेट में पास होने के बाद भी अभी तक अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
बंड क्षेत्र दशोली और जोशीमठ ब्लाक के बीच में स्थित है। क्षेत्र में अस्सी फीसदी परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन पशुपालन है। क्षेत्र के पशुपालक कई वर्षों से यहां पशु अस्पताल के संचालन की मांग कर रहे हैं। अभी यहां स्थिति यह है कि किसी भी मवेशी के अस्वस्थ होने पर पशुपालकों को मीलों दूर गोपेश्वर, चमोली या जोशीमठ जाना पड़ता है। पशुओं की बीमारी से मृत्यु होने व मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी पशुपालकों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अयोध्या हटवाल, देवेंद्र सिंह नेगी, ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल और संजय राणा का कहना है कि पीपलकोटी (बंड क्षेत्र) में पशु अस्पताल खोलने के लिए शासन की ओर से वर्ष 2017 में चमोली के पशुपालन विभाग से प्रस्ताव मांगा गया था। विभाग की ओर से उसी दौरान प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन आज तक इस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मार्च 2019 और 2020 में विधानसभा सत्र के दौरान बदरीनाथ के तत्कालीन विधायक महेंद्र भट्ट ने विधानसभा में पीपलकोटी में पशु अस्पताल के संचालन पर शासन से जवाब मांगा था, जिस पर पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने बंड क्षेत्र में पशु अस्पताल खोलने का लिखित आश्वासन दिया था।
बंड क्षेत्र में पशु चिकित्सालय खोलने का अभी तक कोई आदेश शासन से नहीं मिला है। इस संबंध में यदि कोई प्रस्ताव क्षेत्रवासियों की ओर से मिलता है तो उसे शासन को भेज दिया जाएगा। - डा. प्रलयंकर नाथ, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।