लोग बोले, अस्पताल तो बन गया लेकिन नहीं हैं डॉक्टर और सुविधाएं
पूर्ण बेस का दर्जा मिलने तक गांवों में विधायकों और सांसदों का करेंगे बहिष्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सिमली में 200 बेड के पूर्ण बेस अस्पताल की मांग को लेकर बुधवार को ब्लॉक के 65 ग्राम पंचायतों के लोग एकजुट हुए और कर्णप्रयाग में महारैली निकाली। सिमली बेस अस्पताल निर्माण संघर्ष समिति के आह्वान पर हुई महारैली को कांग्रेस, व्यापार संघों और अन्य संगठनों ने भी समर्थन दिया। कहा गया कि जब तक कर्णप्रयाग को पूर्ण बेस अस्पताल नहीं मिल जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। निर्णय लिया गया कि पूर्ण बेस का दर्जा मिलने तक गांवों में विधायकों और सांसदों के कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा।
पंचपुलिया के पास नगर पालिका की पार्किंग में लोग पूर्वाह्न 11 बजे जुटना शुरू हुए और दोपहर 12 बजे महारैली शुरू की। मुख्य बाजार तक निकली रैली में लोगों ने पूर्ण बेस की मांग के समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद मुख्य बाजार में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि चमोली में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। सिमली में वर्ष 2012 में तत्कालीन सरकार ने बेस अस्पताल की घोषणा की और वर्ष 2020 में यह बना। इस अस्पताल का संचालन दो साल से किया जा रहा है लेकिन यहां विशेषज्ञ डॉक्टर, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, लैब, दवाइयां सहित कई संसाधन नहीं हैं। यहां विभाग ने महिला बेस अस्पताल के साथ ही उप जिला अस्पताल का बोर्ड लगा दिया है। इससे नाराज स्थानीय लोग एक माह से आंदोलन कर रहे हैं और संघर्ष समिति बनाकर गांव चलो अभियान शुरू किया जिसके तहत यह महारैली निकाली गई। रैली को उषा थपलियाल, बीना भंडारी, कविता भंडारी, खुशी, अंशी देवी, सुनीता देवी, समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, आदि ने संबोधित किया। महारैली को कांग्रेस ने समर्थन दिया। जबकि विहिप, नारायणबगड़ व्यापार संघ, कर्णप्रयाग व्यापार संघ, कपीरी विकास संघर्ष समिति सहित कई संगठनों ने रैली में प्रतिभाग किया। रैली में खिलदेव रावत, मुकेश नेगी, भगवान कंडवाल, अरविंद चौहान, सुभाष गैरोला, ईश्वरी मैखुरी, पुरुषोत्तम कोठियाल, सौरभ कुमार और लब्बू परदेशी आदि शामिल थे।