चारधाम यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर सामाजिक संगठनों ने बैठक की। इसमें भीख मांगने वाले बच्चों और बाल श्रमिकों की पहचान कर उनको हिंसा और शोषण से बचाने के साथ उनको मुख्य धारा में जोड़ने पर जोर दिया गया।
चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 हिमाद समिति के कार्यालय में शनिवार को स्वयं सेवी संगठनों और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। हिमाद के सचिव उमा शंकर बिष्ट ने कहा कि यात्रा के दौरान जिले में भीख मांगने वाले बच्चों और बाल श्रमिकों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। बच्चों के साथ शोषण और हिंसा की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। हिमाद की समन्वयक प्रभा रावत ने कहा कि यात्रा के दौरान बच्चे अपने गांव व प्रदेश छोड़कर होटलों में काम करते हैं, सामान बेचने, भीख मांगने, कूड़ा बीनने, घोड़े खच्चरों के साथ, गाइड व पोर्टर का काम करते हैं। इसे रोकने के लिए लिए आपस में समन्वय बनाकर काम करने की जरूरत है।
बैठक में गोपीनाथ टैक्सी यूनियन गोपेश्वर के अध्यक्ष जगमोहन रावत, पीस संस्था के सचिव सत्येंद्र परमार, ज्योति कल्याण संस्था से सुमन नेगी, शेप संस्था के शिव नारायण किमोठी, वनाधिकार समिति संगठन के अध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, वन पंचायत संगठन के संरक्षक प्रेम सिंह सनवाल आदि उपस्थित रहे।