चांदनीखाल में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में अव्यवस्थाएं फैली हैं। अस्पताल में डॉक्टर है न फार्मेसिस्ट जबकि अन्य सुविधाओं का भी बुरा हाल है। आयुर्वेद विभाग की ओर से अस्पताल में व्यवस्था के लिए दूसरे अस्पताल से एक फार्मेसिस्ट की तैनाती गई है, जो माह में दस दिन ही अपनी सेवाएं देने यहां पहुंचते हैं। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से ग्रामीणों को सिरदर्द की गोली के लिए भी दस किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी जाना पड़ रहा है।
खदेड़ पट्टी के रडुवा, कांडई चंद्रशिला, जौरासी, तोणजी, किमोठा, डुंगर, सलना, हापला घाटी के मसोली, गुणम, नैल, नौली, कलसीर सहित कई ग्राम सभाओं के लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए तीन दशक पूर्व चांदनीखाल में आयुर्वेदिक अस्पताल की स्थापना हुई थी, लेकिन शुरुआत से ही अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई। मौजूदा समय में यहां न तो डॉक्टर है और न ही फार्मेसिस्ट। यहां मात्र एक सफाई कर्मी तैनात है। अस्पताल में बिजली, पानी और शौचालय की भी कोई सुविधा नहीं है। चांदनीखाल व्यापार संघ के अध्यक्ष संदीप बर्त्वाल, जगदीश नेगी, रडुवा के प्रधान प्रदीप बर्त्वाल, सलना की प्रधान चंद्रकला देवी, जौरासी के प्रधान विनोद लाल, किमोठा के प्रधान मधुसूदन किमोठी, तोणजी के प्रधान मुकेश नेगी और क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत नेगी ने डीएम को ज्ञापन भेजकर शीघ्र अस्पताल में डॉक्टर और फार्मेसिस्ट की तैनाती की मांग की। कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से ग्रामीणों को झोलाछाप डॉक्टरों से अपना इलाज कराना पड़ रहा है।