रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से आ रही है दिक्कत, श्रीनगर, दून की दौड़ लगाने को लोग मजबूर
गोपेश्वर। जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में अल्ट्रासाउंड कराना मरीजों के लिए चुनौती बनी हुई है। मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए पांच से सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय पर निजी अस्पतालों में भी अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने से मरीजों को श्रीनगर, देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डा. अनुराग धनिक ही रोडियोलॉजिस्ट हैं। उन्हें अस्पताल के प्रशासनिक कार्यों, विभागीय बैठकों सहित अन्य कार्यों के लिए समय-समय पर बाहर जाना पड़ता है।
पूरे जिले में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट
चमोली जिले में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट गोपेश्वर जिला चिकित्सालय में ही तैनात हैं। जोशीमठ और कर्णप्रयाग में मशीन तो हैं, लेकिन यहां भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। ऐसे में जिला चिकित्सालय में भीड़ अधिक हो रही है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आई सपना, भूमिका, ममता, पिंकी, सुरेंद्र लाल, सुनीता आदि का कहना है कि हम यहां बहुत भीड़ है। हमें एक सप्ताह बाद आने को कहा है।
क्या कहते हैं मरीज
- पिछले चार दिन से पेट में असहनीय दर्द हो रहा है। जिला चिकित्सालय की महिला डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा लेकिन यहां पर एक सप्ताह के बाद आने के लिए कहा गया है।
- अभिलाषा, मठ बेमरू
- तबीयत खराब होने पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा लेकिन अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 23 अक्तूबर की तिथि दी गई है। कोई बीमार व्यक्ति इतने लंबे समय तक कैसे इंतजार कर सकता है। अब अल्ट्रासाउंड कराने 45 किलोमीटर दूर कर्णप्रयाग या श्रीनगर जाना पड़ेगा।
- मीना, कोठियालसैंण
- सुबह से दोपहर दो बजे तक लगातार अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। दिनभर 50 से अधिक अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। जिले में रेडियोलॉजिस्ट की कमी होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। साथ ही कई बार विभागीय कार्यों से बाहर भी जाना पड़ता है जिससे बैकलॉग बढ़ जाता है। जिले के लिए रेडियोलॉजिस्ट की डिमांड भेजी गई है।
-डाॅ. अनुराग धनिक, सीएमएस/रेडियोलॉजिस्ट