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नृसिंह मंदिर से डिम्मर गांव के लिए रवाना हुआ गाडू घड़ा

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जोशीमठ नृसिंह मंदिर से गाडू घड़ा के साथ डिमरी पंचायत के पुजारी व स्थानीय लोग। - फोटो : GOPESHWAR
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बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत पांडुकेश्वर से डिमरी पुजारी गाडू घड़ा (तेल कलश) को नृसिंह मंदिर लेकर आए। इसके बाद वे गाडू घड़ा लेकर डिम्मर गांव के लिए रवाना हो गए।
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बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि वसंत पंचमी के दिन तय होती है। इसी के तहत सोमवार को डिमरी पुजारी गाडू घड़ा लेने के लिए जोशीमठ नृसिंह मंदिर से पांडुकेश्वर स्थित योगध्यान बदरी मंदिर पहुंचे। वहां पर विशेष पूजा के बाद वह गाडू घड़ा लेकर जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर पहुंचे। यहां मंदिर समिति और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। विशेष पूजा और भोग लगाने के बाद डिमरी पुजारी गाडू घड़ा लेकर डिम्मर गांव के लिए रवाना हुए। डिम्मर गांव में लक्ष्मीनारायण मंदिर में गाडू घड़ा की पूजा की जाएगी। तीन दिनों तक लक्ष्मीनारायण मंदिर में रुकने के बाद चार फरवरी को गाडू घड़ा डिम्मर से प्रस्थान कर ऋषिकेश होते हुए नरेंद्रनगर स्थित राजदरबार पहुंचेगा। जहां पर गाडूघड़ा की उपस्थिति में पांच फरवरी वसंत पंचमी को बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित की जाएगी। राजदरबार में राज पुरोहित पंचांग देखकर तिथि निर्धारित करते हैं। बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि डिम्मर गांव से गाडू घड़ा (तेल कलश) चार फरवरी को ऋषिकेश और पांच फरवरी को राजदरबार पहुंचेगा। कपाट खुलने की तिथि निर्धारित होने के साथ ही 2022 की यात्रा का भी शुभारंभ हो जाएगा।
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