रंगारंग कार्यक्रमों के साथ सात दिवसीय चंद्रकुंवर बत्र्वाल शरदोत्सव शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी। 17वें चंद्रकुंवर बत्र्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं शरदोत्सव पोखरी में बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। सात दिवसीय मेले का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया। कहा कि मेले हमें आपस में जोड़ते हैं और यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का कार्य करती है। सरकार ने इस मेले को राजकीय घोषित किया और इसका नाम क्षेत्र के महान कवि चंद्रकुंवर बत्र्वाल पर रखा।
मेले के उद्घाटन के दौरान जीआईसी नागनाथ की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी जबकि सेवा इंटरनेशनल की महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत ने कहा कि महेंद्र भट्ट के सहयोग से मुख्यमंत्री ने मेले के लिए चार लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष ललित मिश्रज्ञ, नगर अध्यक्ष बीरेंद्र राणा, रमेश चौधरी, वत्सला सती, विजयपाल रावत, समीर मिश्रा, आनंद सिंह राणा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे।
लोहाजंग में मेला शुरू, गीतों पर झूमे लोग
देवाल। लोहाजंग में पूर्व विधायक स्व. शेरसिंह दानू की स्मृति में पांच दिवसीय सांस्कृतिक औद्योगिक पर्यटन विकास मेले का आगाज हुआ। मेले के शुभारंभ पर लोकगायक अमित गोस्वामी, दया अठाणी, मुरली मनोहर उप्रेती, महिला मंगल दल वांक, युवक मंगल दल व शिक्षण संस्थाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिस पर दर्शक खूब झूमे। इस दौरान हरनी गांव की जड़ी-बूटी व सब्जी उत्पादक गंगा देवी को सम्मानित किया गया।
सेवानिवृत ईई मानसिंह बिष्ट, ज्येष्ठ उपप्रमुख संगीता बिष्ट, धर्मसिंह दानू, प्रेम दानू, विरेंद्र दानू व मेलाध्यक्ष इंद्रसिंह राणा ने स्व. शेर सिंह दानू को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि मानसिंह बिष्ट ने कहा कि स्व. शेर सिंह दानू उत्तर प्रदेश के विधायक रहे। वे 1969 में जनसंघ से चुनाव जीतकर विधायक बने। इसके बाद मेले में कार्यक्रमों का आगाज दैणा होया खोली का गणेशा, दैणा होया मोरी का नारेणा, दैणा होया पंचनामा देवा से हुआ। लोकगायकों ने नंदा तेरी जात..., सुण बौ दे शौगु की चेली राजुला..., आवा दीदी भूलियों..., बीरू भड़ों को देश... आदि की प्रस्तुति दी। मेलाध्यक्ष इंद्रसिंह राणा ने कहा कि मेला लोगों के सहयोग से किया जाता है। इस मौके पर अर्जुन बिष्ट, भुवन बिष्ट, गमोती देवी, आनंद बिष्ट, खड़क सिंह, मेहरवान सिंह और खड़क दानू आदि मौजूद थे। संवाद
सात साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया शेर सिंह दानू का गांव
गांव के लोगों को चलना पड़ता है 23 किमी पैदल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। लोहाजंग में आयोजित मेला शेर सिंह दानू की स्मृति में आयोजित किया जाता है लेकिन उनका गांव पिनाऊं आज तक सड़क से नहीं जुड़ सका है। वर्ष 2015 में गांव के लिए 23 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी लेकिन सात साल बाद भी निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीणों को करीब 23 किमी पैदल चलना पड़ता है।
मेले के अध्यक्ष इंद्रसिंह राणा ने बताया कि पिनाऊं गांव में सड़क निर्माण के लिए भूमि चयनित हो गई। भूमि के बदले क्षतिपूर्ति के तौर पर कई पौधे लगाए जाने हैं लेकिन पौधे लगाने के लिए 33 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वीकृत के सात साल बाद भी 23 किलोमीटर धुरा-धारकोट-वांक-पिनाऊं सड़क नहीं बन पाई है। ऐसे में ग्रामीणों को धुरा धारकोट-वांक आने के लिए आज भी करीब 23 किमी पैदल चलना पड़ता है। वहीं लोनिवि थराली के अवर अभियंता आकाश धूलिया का कहना है कि पौधे लगाने के लिए 33 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है जिसके लिए खोज की जा रही है। भूमि उपलब्ध होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-