नीती व माणा घाटी में सर्दियों में कड़ाके की ठंड पड़ती है और बर्फ से गांव ढक जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण निचले स्थानों पर अपने शीतकालीन प्रवास पर आ जाते हैं।
सीमांत क्षेत्र नीती घाटी में ठंड बढ़ने लग गई है। इसके चलते ग्रामीण अपने शीतकालीन प्रवास की तरफ लौटने लग गए हैं। दूरस्थ गांव द्रोणागिरी और कागा गांव खाली हो गए हैं, जबकि दीपावली से पहले घाटी के अन्य आठ गांव भी खाली हो जाएंगे।
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नीती व माणा घाटी में सर्दियों में कड़ाके की ठंड पड़ती है और बर्फ से गांव ढक जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण निचले स्थानों पर अपने शीतकालीन प्रवास पर आ जाते हैं। अब इस समय कुछ ग्रामीण सामान के साथ वाहनों से निचले स्थानों की तरफ आने लगे हैं तो कुछ मवेशियों के साथ पैदल लौट रहे हैं।
कागा के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने बताया कि नीती घाटी के द्रोणागिरी और कागा गांव से सभी लोग निचले स्थानों की ओर लौट गए हैं। दीपावली से पहले अन्य गांवों के लोग भी निचले स्थानों पर आ जाएंगे। गर्मियां शुरू होने पर ही ग्रामीण गांवों में लौटते हैं।