24 वर्ष में होता है आयोजन, माता के निशाण भक्तों को देंगे दर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। 24 वर्षों के बाद लाखी गांव की आराध्य देवी मां द्वारी देवी की दिवारा यात्रा बृहस्पतिवार से शुरू हो गई। पहले दिन माता की यात्रा भेंटी गांव पहुंची, जहां भक्तों ने माता के निशाणों का फूल मालाओं से स्वागत किया। माता के निशाण गांव-गांव भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
बृहस्पतिवार को लाखी गांव में आचार्यगणों ने मां द्वारी की विभिन्न पूजाएं कीं। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे माता की दिवारा यात्रा शुरू हुई। यात्रा समिति के अध्यक्ष ज्ञान सिंह फरस्वाण ने बताया कि प्रत्येक 24 साल में माता की दिवारा यात्रा आयोजित की जाती है। यात्रा के दौरान माता ने अपने अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर ढोल दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। तीन माह तक दिवारा यात्रा होगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान रघुवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, ललिता प्रसाद, द्वारिका, खिलाफ सिंह, कुंवर सिंह, सुजान सिंह, हयात सिंह और सबर सिंह आदि मौजूद रहे।
पंती गांव से विदा हुई नैणी देवी की डोली
नारायणबगड़। ध्याणियों की कुशलक्षेम लेने के लिए देवरा यात्रा पर चल रही उत्तरी कड़ाकोट पट्टी की आराध्य नैणी देवी पंती गांव से विदा लेकर केवर तल्ला गांव पहुंची। इससे पूर्व पंती गांव में देवताओं के पश्वों ने ढोल-दमाऊं की तालों पर नृत्य किया। नैणी देवी सेवा समिति के अध्यक्ष दिवाकर डिमरी ने बताया कि शुक्रवार को देवरा यात्रा केवर मल्ला, लेगुना गांव का भ्रमण करते हुए कौब (थान) के प्रवास के लिए जाएगी। संवाद