विश्व ओजोन दिवस पर आयोजित ऑनलाइन सेमिनार में उत्तराखंड विज्ञान एवं तकनीकी परिषद के महानिदेशक डा. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि आर्थिक और तकनीकी विकास का मॉडल पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी की ओर से ऑनलाइन सेमिनार में मुख्य अतिथि डा. डोभाल ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अल्ट्रा रेडिएशन के प्रभावों के चलते लोगों में आंखों की समस्याएं आ रही हैं। मुख्य वक्ता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विवि में पर्यावरण विज्ञान के डा. राणा प्रताप सिंह ने ओजोन बनने की प्रक्रिया और उसके क्षरण के बारे में बताया। विशेष अतिथि गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के निदेशक डा. शीराज वाजिह ने ओजोन क्षरण से कृषि पर होने वाले प्रभाव बताए। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक एवं वनस्पति विज्ञान के अध्यक्ष डा. अभय कुमार श्रीवास्तव, आयोजक सचिव एवं संचालिका जंतु विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रो. कंचन सहगल, डा. वर्षा सिंह, प्राचार्य प्रो. संदीप कुमार शर्मा, प्राध्यापक डा. एमएस चौहान, डॉ. जगजीत सिंह, डॉ. संजीव जुयाल, डॉ. नंदकिशोर चमोला, अनिल कुमार, डॉ. आरती रावत, डॉ. कीर्ति गिल, डॉ. सुनीता मेहता आदि मौजूद थे।