ल्वाणी पिलखड़ा में आयोजित दो दिवसीय राज राजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेले में लोक गायक दर्शन फर्स्वाण के जागर व मांगल गीतों से पूरा क्षेत्र नंदामय हो गया। मेले में प्रतिभाग करने वाले शिक्षण संस्था व महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया। लोक गायक दर्शन फर्स्वाण, शकुंतला रमोला, गिरीश सनवाल के गीतों पर दर्शक खूब थिरके। मेले व सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन दानू ने किया। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक व सांस्कृतिक मेले से हमारी स्थानीय बोली भाषा का बेहतर रूप से प्रचार-प्रसार हुआ है।
मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में जीआईसी ल्वाणी, महिला मंगल दल व स्थानीय कलाकारों ने कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुरली मनोहर उप्रेती के भजन शिवजी कैलाश... से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। लोक गायक कुंदन की प्रस्तृति हीटो रे हीटो मेला लागी रे पिलखड़ा गांव..., वीरेंद्र बिष्ट के हम छी तेरा लाल, जय बद्री विशाल..., सौरभ मैठाड़ी के तू रेंदी मां ऊंचा पहाड़ों मां... व भावना के गीतों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। वहीं लोक गायक दर्शन फर्स्वाण के जागर हे नंदा हे गौरा कैलाश की जात्रा, हुड़की घमा-घम... ओ राजुमा डाडियों का बरफ हो... गिरीश सनवाल व शकुंतला रमोला के दैणा होयां खोली का गणेशा दैणा होयां मोहरी... आदि कई प्रस्तुति दी गई। मेला के समापन समारोह में कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ जीतराम ने मेले में प्रतिभाग करने वालों का सम्मानित किया। मेले में मेलाध्यक्ष महाबीर बिष्ट, कांग्रेस के प्रदेश सचिव उर्मिला बिष्ट, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विरेंद्र रावत, प्रदेश महामंत्री हरिकृष्ण भट्ट, ब्लॉक अध्यक्ष इंद्र राणा, हरीश पंत, कृष्णा बिष्ट, हीरा पहाड़ी, पुष्कर फर्स्वाण, गोविंद पांगती, बिमला देवी और मोहन दान आदि शामिल रहे।
मुंदोली पहुंची मां नंदा की लोकजात यात्रा
देवाल। शुक्रवार को नंदा लोकजात यात्रा अपने 11वें पड़ाव मुंदोली गांव पहुंची। मां नंदा के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने मां नंदा के स्वागत में मांगल गीत गाए। महिलाओं ने डोली को चूड़ी बिंदी, सिंदूर व चुनरी भेंट की। शनिवार को लोकजात यात्रा अपने 12वें पड़ाव आबादी के अंतिम गांव वाण पहुंचेगी। शुक्रवार को नंदा की डोली कांडेई, पिलखड़ा, ल्वाणी बगड़ीगाड़ होते रात्रि प्रवास के लिए देर शाम मुंदोली पहुंची। मुंदोली में मां नंदा की डोली का स्वागत हुआ। दोपहर को नंदा की डोली पिलखड़ा मंदिर में पहुंची और यहां आयोजित मेले में शामिल होकर भक्तों को दर्शन दिए। संवाद