निर्माण न होने से ग्रामीण तय कर रहे 12 किमी की पैदल दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर/गोपेश्वर। नंदानगर ब्लॉक के सुदूरवर्ती गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए स्वीकृत 12 किलोमीटर सितेल-लेटाला-प्राणमती सड़क का निर्माण छह साल में भी शुरू नहीं हो पाया है। सड़क न होने से ग्रामीण आज भी गंतव्य तक जाने के लिए लगभग 12 किलोमीटर तक पैदल दूरी तय करने को मजबूर हैं।
सितेल-लेटाला-प्राणमती सड़क बनने से ग्राम पंचायत सितेल, लेटाला, प्राणमती, डिकोट, सरमा, बडकुना सहित क्षेत्र के गांवों को लाभ मिलता। क्षेत्र पंचायत सदस्य कंचन सिंह नेगी, कनोल की प्रधान सरस्वती देवी, सरपंच बलवंत सिंह आदि ने कहा कि सितेल गांव के पास सड़क तक पहुंचने के लिए प्राणमति नदी से करीब आठ किमी बडगुना गांव तक फिर यहां से 12 किमी पैदल चलना पड़ता है। बीमार को तो कुर्सी के सहारे कंधे पर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। इधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन लाल वर्मा का कहना है कि सड़क निर्माण में वन भूमि आ रही है। इस संबंध में सभी पत्रावलियां वन विभाग को भेजी गई हैं। वन भूमि की स्वीकृति के बाद पत्रावलियां राज्य व केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी। वहीं, बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दूबे का कहना है कि वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी।