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Chamoli News: बदरीनाथ हाईवे पर चटवापीपल में 12 किमी लगा जाम, 5000 तीर्थयात्री फंसे

Mon, 16 Sep 2024 11:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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बदरीनाथ हाईवे पर चटवापीपल में खुद ही दलदल में पत्थरों का भरान करते तीर्थयात्री। संवाद
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तीर्थयात्रियों ने दलदल मे पत्थरों का भरान कर निकाले वाहन
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संवाद न्यूज एजेंसी

गोपेश्वर/कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा, पर्थाडीप और चटवापीपल भूस्खलन क्षेत्र यातायात में परेशानी का सबब बना हुआ है। सोमवार को चटवापीपल में बदरीनाथ हाईवे पर दलदल जैसी स्थिति होने पर कर्णप्रयाग से कमेड़ा तक करीब 12 किमी तक जाम लगा रहा। हाईवे के दोनों तरफ 800 वाहन में करीब 5000 तीर्थयात्री फंसे रहे। दिनभर यहां वाहन रेंग रेंगकर चले। जब परेशानी बढ़ी तो यात्रियों ने खुद ही दलदल में पत्थर का भरान किया और वाहनों को सुरक्षित भेजा गया। यहां हाईवे दिनभर खुलता और बंद होता रहा। प्रशासन ने यात्रियों को बिस्कुट और पानी बांटा।

कर्णप्रयाग और गौचर के बीच चटवापीपल में बदरीनाथ हाईवे पर तड़के तीन बजे चमोली के लिए सब्जी ला रहा ट्रक मलबे में फंस गया जिससे यहां जाम लग गया। कड़ी मशक्कत के बाद पोकलेन मशीन एवं रस्सों से खींचकर सुबह दस बजे ट्रक निकाला गया। इस दौरान वाहनों की दो किमी तक लंबी लाइन लगी रही। हाईवे बंद होने से श्रीनगर, देहरादून, दिल्ली, हरिद्वार सहित मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले एवं पहाड़ को आने वाले 400 से अधिक वाहन फंसे रहे। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से कर्णप्रयाग और गौचर में भी वाहनों को रोका। इसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई, लेकिन पहाड़ी से पानी के साथ चूना पत्थर गिरने से हाईवे पर दलदल की स्थिति बन गई। इससे यहां से गुजरने वाले वाहन फंसते रहे। धीरे-धीरे यहां वाहन आते गए और देखते-ही देखते 12 किमी का काम लग गया। एनएचआईडीसीएल ने यहां पत्थराें को हटाने के लिए न तो मजदूर लगाए हैं और न ही यहां पुलिस के जवान तैनात है। जब मार्ग खुलने के कोई आसार नहीं दिखे तो तीर्थयात्रियों ने खुद ही यहां दलदल में पत्थर भरे और धीरे-धीरे वाहनों को रवाना किया।
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कमेड़ा में दो घंटे लगा रहा जाम

गोपेश्वर/कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा भूस्खलन क्षेत्र में करीब 50 मीटर ऊंचाई से पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। सोमवार को सुबह दस बजे जेसीबी से मलबा हटाने के दौरान हाईवे के दोनों ओर से लगभग एक किमी का जाम लग गया। पूर्वाह्न करीब 11 बजे जाम खुला तो दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही होने पर फिर जाम की स्थिति बन गई। जाम में सेना के सेना के चार वाहन भी फंस गए। सेना के जवानों ने एक ओर से वाहनों की आवाजाही करवाई और गौचर साइड से वाहनों को गंतव्य के लिए भेजा। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। संवाद


तीर्थयात्रियों का यात्रा शेड्यूल बिगड़ा

गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे के बार-बार बंद होने से बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा के साथ ही फूलों की घाटी जा रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों का शेड्यूल बिगड़ रहा है। सोमवार को बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर जा रहा गुजरात का 18 सदस्यीय दल सुबह गुप्तकाशी से बदरीनाथ के लिए रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि कमेड़ा और चटवापीपल के समीप हाईवे बंद होने से वे जाम में फंसे रहे। दोपहर एक बजे जाम खुलने के बाद जब वे नंदप्रयाग पहुंचे तो यहां पर्थाडीप में फिर हाईवे बंद मिला, जिससे नंदप्रयाग-सैकोट मार्ग से बदरीनाथ के लिए निकले, लेकिन यहां भी जाम लगा होने से उन्हें एक घंटे इंतजार करना पड़ा। ऐसे में उनका यात्रा शेड्यूल बिगड़ गया। संवाद

होटलों तक नहीं पहुंच पाए श्रद्धालु, बुकिंग की रद्द

गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर पर्थाडीप भूस्खलन क्षेत्र में सोमवार को दिनभर खुलने और बंद होने का सिलसिला जारी रहा। देर शाम सात बजे पर्थाडीप में फिर भूस्खलन होने से वाहनों की आवाजाही सैकोट सड़क से करवाई गई। यहां भी दोनों और से वाहनों की आवाजाही होने से देर रात तक वाहनों का जाम लगता रहा। स्थिति यह रही कि बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे जिन श्रद्धालुओं की होटल की एडवांस बुकिंग जोशीमठ और पीपलकोटी में की गई थी, वे कमेड़ा, चटवापीपल और पर्थाडीप में हाईवे बंद होने के कारण रात तक उन होटलों तक नहीं पहुंच पाए और उन्हें चमोली, नंदप्रयाग और क्षेत्रपाल में स्थित होटलों में ही रुकना पड़ा। जिससे श्रद्धालुओं को समय के साथ ही आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। संवाद


यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, हाईवे सुधारने की सुस्त चाल

बरसात कम होने के साथ ही बदरीनाथ धाम में बढ़ रही यात्रियों की संख्या

गौचर से लेकर बदरीनाथ धाम तक हाईवे लेगा यात्रियों की कड़ी परीक्षा



संवाद न्यूज एजेंसी

गोपेश्वर। चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। बरसात कम होने के साथ ही यात्रा ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है, लेकिन बदरीनाथ हाईवे सुधारने का काम सुस्त चाल से हो रहा है। गौचर से लेकर बदरीनाथ तक एक दर्जन से अधिक जगह पर हाईवे बदहाल है जो धाम जाने और वहां से आने वाले यात्रियों की कड़ी परीक्षा लेगा।

जिले की प्रवेश सीमा गौचर में ही दो जगह पर बदरीनाथ हाईवे पर बड़ी चुनौती है। यहां चटवापीपल और कमेड़ा में मलबा आने के कारण हाईवे बार-बार बंद हो रहा है। नंदप्रयाग में पिछले कई दिनों से हाईवे बंद पड़ा हुआ है। जिसके चलते सैकोट कोठियालसैंण-चमोली से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। लेकिन यह मार्ग काफी संकरा है, जिससे यहां दिन भर जाम की स्थिति बन रही है। इसके आगे भनेर पाणी, चाड़ा तोक, कौड़िया, पागल नाला, तंगणी, पातालगंगा, बिरही, कौड़िया, जोशीमठ से आगे टैया पुल सहित अन्य जगह पर बदरीनाथ हाईवे की स्थित बदहाल है। ऐसे में बदरीनाथ धाम के दूसरे चरण की यात्रा कैसे निर्बाध रूप से संपन्न कराई जाएगी यह सबसे बड़ा सवाल है।

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सात दिन में 23 हजार से अधिक पहुंचे यात्री

बदरीनाथ धाम की यात्रा बरसात में धीमी पड़ गई थी लेकिन बारिश थमने के बाद पिछले एक सप्ताह में बदरीनाथ धाम में 23 हजार से अधिक यात्री दर्शन करने पहुंचे हैं। 15 सितंबर तक धाम में 9,69,815 यात्री दर्शन करने के लिए पहुंच चुके हैं। रविवार को 5285 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ के दर्शन किए। दो जुलाई के बाद पहली बार धाम में इतने अधिक तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे हैं। दो जुलाई को यहां 8,132 यात्री पंहुचे थे, उसके बाद यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई थी।
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केदारनाथ: 4823 श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन, धाम में रही रौनक

रुद्रप्रयाग। मौसम में सुधार होते ही केदारनाथ जाने वाले यात्रियों और धाम में दर्शनार्थियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। सोमवार को धाम में 4,823 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो सितंबर माह में अभी तक एक दिन में दर्शन करने वालों की सबसे अधिक संख्या है। इधर, सोनप्रयाग से धाम के लिए 8227 यात्री रवाना हुए। वहीं, केदारनाथ से दर्शन कर 4705 देर शाम तक सोनप्रयाग लौटे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बीते 31 जुलाई को अतिवृष्टि के बाद यात्रा प्रभावित हो गई थी। अब मौसम में सुधार होने से यात्रा की रफ्तार पकड़ने लगी है।
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